संजीवनी टुडे

मध्यप्रदेश में सियासी हलचल तेज, कांग्रेस ने शुरू की सिंधिया समर्थकों पर कार्रवाई

संजीवनी टुडे 06-05-2020 09:57:13

कांग्रेस सरकार को गिरे सवा महीना हो चुका है। माना जा रहा है कि सरकार गिरने के कारणों पर अब हाईकमान ने मंथन शुरू कर दिया है और प्रभारी महासचिव बदले जाने से इसके संकेत दिए जा चुके हैं।


भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकार गिरने के बाद अब कांग्रेस में ठीकरा किस पर फोड़ा जाए, इसे लेकर नेता एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। कुछ विधायक इसके लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके साथ गए विधायकों से ज्यादा जिम्मेदार पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ व दिग्विजय सिंह सहित कुछ मंत्रियों को मानते हैं, लेकिन वे खुलकर बोलने से बच रहे हैं। वहीं, अब कांग्रेस ने सिंधिया समर्थकों पर कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। 

गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के दो महीने बाद भी अभी भी उनके समर्थक कई नेता पार्टी में हैं, लेकिन उनकी आस्था को लेकर असमंजस की स्थिति है। भोपाल हो या ग्वालियर या कोई अन्य जिला, सिंधिया या उनके समर्थक नेताओं के विश्वस्त कांग्रेस में हैं, जिनमें से कुछ नेता खुलकर उनके साथ काम कर रहे हैं तो कुछ उपचुनाव में टिकट जैसे अच्छे अवसर का इंतजार कर रहे हैं।

Jyotiraditya Scindia

ऐसे में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिलों से आने वाली शिकायतों पर अब कार्रवाई करना शुरू कर दी है, जिसके तहत एक सप्ताह में चार सिंधिया समर्थक नेताओं निकाला जा चुका है। सिंधिया ने दस मार्च को कांग्रेस छोड़ी थी। इसके बाद प्रदेश में राजनीतिक उठापटक हुई, जिसमें कांग्रेस की कमल नाथ सरकार चली गई। 

जब सिंधिया पार्टी छोड़ी थी तब उनके साथ उनके समर्थक 22 विधायकों ने पार्टी छोड़ी थी और उनके साथ प्रदेश के करीब 100 बड़े नेताओं व पदाधिकारियों ने कांग्रेस छोड़ दी थी। इसके बाद भी कई ऐसे नेता थे, जो कांग्रेस में रहे, लेकिन उनकी आस्था सिंधिया व उनके समर्थक मंत्री-विधायकों के प्रति है।

Jyotiraditya Scindia

सिंधिया के प्रति आस्था रखने वाले कई ऐसे नेता शिवराज सरकार में मंत्री तुलसीराम सिलावट अथवा पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी के साथ जिलों में घूमते दिखाई दिए। करीब डेढ़ महीने बाद पार्टी ने ऐसे नेताओं के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की है। एक सप्ताह में पीसीसी ने सिलावट-डॉ. चौधरी के साथ क्षेत्र में दौरे करने वाले चार पदाधिकारियों को हटा दिया है।

ग्वालियर क्षेत्र के कुछ नेता टिकट वितरण का इंतजार कर रहे हैं। ये नेता सिंधिया के साथ जुड़े रहे हैं और उनके भाजपा में जाने के बाद वे उनका स्वागत भी कर चुके हैं। एक दिवंगत नेता के पुत्र भी इसी आस में कांग्रेस का दामन थामे हैं। 

Jyotiraditya Scindia

वहीं, भोपाल में सिंधिया के समर्थन में बड़े-बड़े झंडे लेकर स्वागत करने वाले अल्पसंख्यक नेताओं ने अपनी आस्था पार्टी के किसी दूसरे नेता में दिखाई नहीं है और सिंधिया के जाने के बाद से ये लोग शांत हैं। रायसेन जिले में दो नेताओं के निष्कासन के बाद भी एक नेता अभी भी सिंधिया का झंडा लेकर वहां चल रहे हैं और कांग्रेस पार्टी में हैं। हालांकि जिला कांग्रेस कमेटी ने उन्हें चेतावनी दे दी है।

Jyotiraditya Scindia

बता दें कि कांग्रेस सरकार को गिरे सवा महीना हो चुका है। माना जा रहा है कि सरकार गिरने के कारणों पर अब हाईकमान ने मंथन शुरू कर दिया है और प्रभारी महासचिव बदले जाने से इसके संकेत दिए जा चुके हैं। हालात यह है कि अब कमल नाथ को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष में से कोई एक पद दिए जाने की चर्चा होने लगी है। हालांकि नेता प्रतिपक्ष के लिए ग्वालियर-चंबल संभाग से डॉ. गोविंद सिंह का नाम चर्चा में आया है, लेकिन इसी क्षेत्र के एक अन्य वरिष्ठ नेता केपी सिंह की दावेदारी भी सामने आई है।

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