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मोदी का दावा: बिहार में स्पीकर पद के लिए हो रही है हॉर्स ट्रेडिंग, NDA विधायकों को कॉल कर रहे है लालू

संजीवनी टुडे 25-11-2020 10:32:23

मोदी ने मोबाइल नंबर शेयर करते हुए रांची की जेल में सजा काट रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर आरोप लगाया कि वह फोन कर एनडीए विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।


पटना। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सीएम सुशील कुमार मोदी ने आरजेडी सुप्रीम को लालू प्रसाद यादव पर राज्य में एनडीए सरकार गिराने की साजिश का आरोप लगाया है। मोदी ने ट्वीट कर दावा किया है कि लालू एनडीए विधायकों को फोन कर उन्हें मंत्री पद का प्रलोभन दे रहे हैं।

सुशील मोदी ने मोबाइल नंबर शेयर करते हुए रांची की जेल में सजा काट रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर आरोप लगाया कि वह फोन कर एनडीए विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लालू एनडीए विधायकों को मंत्री बनाने तक का ऑफर दे रहे हैं।

सुशील मोदी ने ट्वीट किया। कहा कि एक खास नंबर से NDA के विधायकों से संपर्क किया जा रहा है। यह नंबर लालू यादव का है और जब उन्होंने उस नंबर पर फोन किया तो लालू यादव ने सीधे उसे रिसीव किया। तब सुशील मोदी ने लालू से कहा कि आप यह गंदा खेल बंद कीजिए। आप कभी सफल नहीं होंगे।

सुशील मोदी ने अपने ट्वीट में जिस मोबाइल नंबर 8051216302 का जिक्र किया है, उसे जब 'ट्रू कॉलर'पर जांचा गया तो यह नंबर 'इरफान रांची लालू जी' के नाम से सेव मिला। इरफान, लालू प्रसाद का पुराना करीबी रहा है। सुशील मोदी के ट्वीट से साफ पता चलता है कि बिहार की राजनीति में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है।

सुशील मोदी के इस ट्वीट के बाद दोनों ओर से प्रतिक्रियाएं भी आईं। जदयू के मंत्री नीरज कुमार ने कहा- अब यह खुलासा हो चुका है कि लालू यादव जेल में बैठकर राजनीति कर रहे हैं। विधायकों को प्रलोभन दे रहे हैं। प्रमाणित हो चुका है। तेजस्वी यादव को शर्म करनी चाहिए कि वह इस तरह के खेल में शामिल हैं। यह लोग कभी सफल नहीं हो पाएंगे।

वहीं, सुशील मोदी के आरोप के जवाब में राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि सुशील मोदी लालू फोबिया से ग्रस्त रहे हैं और अनर्गल बयान देते रहते हैं। उन्होंने कहा कि उप-मुख्यमंत्री से हटाए गए हैं, इसलिए चर्चा में बने रहने के लिए यह हथकंडा अपना रहे हैं।

बता दें कि बिहार विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए पद के लिए एनडीए की ओर से विजय सिन्हा, जबकि महागठबंधन से अवध बिहारी चौधरी को प्रत्याशी बनाया गया है।  बुधवार को सदन की कार्यवाही आरंभ होने तक यदि विपक्ष ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया तो मतदान से विधानसभा के नए अध्यक्ष का फैसला होगा। ऐसे में सुशील मोदी के आरोप के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या चुनाव में मात खाने के बाद महगठबंधन जोड़तोड़ करके सत्ता में आने की ताक में है।

51 साल के बाद बिहार की राजनीति में विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए वोटिंग की नौबत आई है। यह चुनाव अब नीतीश कुमार बनाम तेजस्वी यादव हो चुका है। ऐसे में यदि इस चुनाव को राजद के नेता अवध बिहारी चौधरी जीत जाते हैं तो माना जाएगा कि सत्तारूढ़ दल को पूर्ण बहुमत नहीं है। ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस्तीफा भी देना पड़ सकता है।

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