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चीन को लेकर कांग्रेस ने केंद्र से किया खास अनुरोध, कहा- ड्रेगन के खिलाफ साइबर सुरक्षा के प्रयास मजबूत करे सरकार

संजीवनी टुडे 15-09-2020 09:19:13

अगर यह रिपोर्ट सही है तो क्या सरकार इस गंभीर मसले के बारे में अवगत थी।


नई दिल्ली। कांग्रेस ने चीनी वेबसाइट द्वारा राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत देश के कई वरिष्ठ नेताओं, जजों एवं अन्य प्रमुख हस्तियों की जासूसी संबंधी रिपोर्टों की निंदा की है। उन्होंने इसकी आलोचना करते हुए सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि 'चीन द्वारा भारतीय नेताओं और अन्य व्यक्तियों की डिजिटल जासूसी की खबर चिंताजनक है।'

इसके साथ ही कांग्रेस ने सोमवार को सरकार से अनुरोध किया कि साइबर स्पेस में चीनी इरादों का मुकाबला करने के लिए सरकार साइबर सुरक्षा की दिशा में अपने प्रयास और मजबूत करे। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष, विभिन्न मुख्यमंत्रियों समेत कई शख्सियतों की चीनी कंपनी जेनहुआ डाटा इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड द्वारा डिजिटल निगरानी की एक खबर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि यह चिंताजनक है।

Surjewala

सुरजेवाला ने कहा कि अगर यह रिपोर्ट सही है तो क्या सरकार इस गंभीर मसले के बारे में अवगत थी। अथवा वे नहीं जानते थे कि हमारी जासूसी की जा रही थी। सरकार बार-बार हमारे सामरिक हितों की रक्षा करने में असफल क्यों हो रही है। चीन को इस बारे में स्पष्ट संदेश दिए जाने की जरूरत है।

सुरजेवाला ने एक प्रमुख अंग्रेजी दैनिक अखबार में छपी खबर को साझा करते हुये ट्वीट किया , “चीन द्वारा भारतीय नेताओं और अन्य व्यक्तियों की डिजिटल जासूसी की खबर चिंताजनक है। हम स्पष्ट स्वर में इसकी निंदा करते हैं। क्या चीन ने दो साल पहली बनी इस कंपनी का इस्तेमाल सरकार की नीतियों को प्रभावित करने के लिए भी किया है? क्या सरकार इस मामले की जांच करेगी और इस मामले में देश को आश्वस्त करेगी?”

माना जा रहा है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत की ओर से भी पूरी जवाबी तैयारी को देखते हुए चीन 'हाइब्रिड वार' की तैयारी में जुटा है। इसके तहत वह नामचीन भारतीय हस्तियों के ओपन सोर्स अकाउंट के अध्ययन के जरिये ऐसी राह तलाशने की कोशिश में है जिससे भारतीयों के खास वर्ग की सोच में चीन के लिए हमदर्दी पैदा की जा सके।

इसके अलावा सुरजेवाला ने चीन के साथ सीमा विवाद के मुद्दे पर भारत सरकार की नरमी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सीमा पर गतिरोध की शुरुआत में ही प्रधानमंत्री मोदी चीन को स्पष्ट संदेश देते तो आज देश के राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री की जासूसी कराने की हिम्मत चीन नहीं कर पाता। उन्होंने सवाल किया कि आखिर देश के सामरिक हितों की रक्षा करने में केंद्र बार-बार विफल क्यों हो रहा है?

Surjewala

रणदीप सुरजेवाला ने भारतीय नेताओं की चीन द्वारा मुखबिरी कराने पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने सोमवार को ट्वीट कर कहा, "अगर यह सही है तो क्या मोदी सरकार को इस गंभीर मामले का पहले पता था? या भारत सरकार को पता ही नहीं चला कि हमारी मुखबिरी हो रही है? भारत सरकार देश के सामरिक हितों की सुरक्षा करने में बार-बार फेल क्यों हो रही है? चीन को अपनी हरकतों से बाज़ आने का स्पष्ट संदेश देना चाहिए।"

अपने ट्वीट के साथ सुरजेवाला ने एक समाचार पत्र की रिपोर्ट भी साझा की है, जिसमें कहा गया है कि चीन भारत के बड़े राजनीति और सामरिक क्षेत्र में बड़े पदों पर बैठे लोगों की जासूसी करा रहा है। इस जासूसी लिस्ट में प्रधानमंत्री मोदी समेत पांच प्रधानमंत्रियों, पूर्व और वर्तमान 40 मुख्यमंत्रियों, 350 सांसद, कानून निर्माता, विधायक, मेयर, सरपंच और सेना से जुड़े लोगों समेत करीब 1350 लोगों के नाम शामिल हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उक्त जासूसी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार के इशारे पर चीनी कंपनी शेनझेन इंफोटेक और झेन्हुआ इंफोटेक द्वारा की जा रही है। इस कंपनी का मुख्य काम ही दूसरे देशों पर नजर रखना है।

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