संजीवनी टुडे

देश की विरासत से परिचित हो युवा पीढ़ी: उपराष्ट्रपति

संजीवनी टुडे 22-03-2019 21:32:42


नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा है कि युवा पीढ़ी को देश के इतिहास, संस्कृति और विरासत से परिचित होना चाहिए। उन्होंने पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि यह स्थल भारत की समृद्ध और जीवंत विरासत की गवाही देते हैं।

उपराष्ट्रपति तीन-खंड में संकलित पुस्तक ‘फेलिसिटिंग ए लीजेंडरी आर्कियोलॉजिस्ट बी.बी. लाल’ के विमोचन के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। नायडू ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत का प्राचीन इतिहास औपनिवेशिक शासन काल के हमले का शिकार है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि अनुसंधान ज्ञान की निरंतर खोज है और हर उपलब्धि विद्वानों की युवा पीढ़ी के लिए एक नया रास्ता तय करती है। उन्होंने कहा कि बहुत से युवा विद्वानों के लेखों को पढ़ना सही मायने में खुशी देता है और उन्हें मंच देने के लिए ऐसे संपादकों की सराहना होनी चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने संस्कृति मंत्रालय से आग्रह किया कि वे उन्हें पर्यटन के आकर्षण के रूप में उजागर करें और बढ़ावा दें और देश और दिल्ली की यात्रा पर आने वाले विदेशी सैलानियों को भारत की महान प्राचीन विरासत से अवगत कराएं।  

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नायडू ने कहा कि प्राचीन भारतीय परंपराओं, संस्कृति पर अपने लेख और शोध पत्र प्रकाशित करने के लिए अनुसंधान सुविधाओं, वित्तीय सहायता और प्लेटफार्म मुहैया करा करके युवा प्रतिभाओं को पोषण देने का प्रयास किया जाना चाहिए। अकादमिक शोध को संकलित और समेकित करने से वर्तमान और भावी पीढ़ियों को इतिहास को समझने में मदद मिलेगी।

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नायडू ने कहा कि जारी की गई पुस्तकें, पद्म भूषण प्रोफेसर बी.बी. लाल जैसे दिग्गजों को सम्मानित करने के अलावा प्राचीन भारत की सभ्यता के पोषण के महत्व पर प्रकाश डालती हैं, जिनका योगदान भारत के प्राचीन इतिहास और संस्कृति के सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से कुछ को जानने में महत्वपूर्ण रहा है।
इस मौके पर प्रख्यात पुरातत्वविद् डॉ बी.आर. मणि, एयर वाइस मार्शल (सेवानिवृत्त), राजेश लाल, द्रौपदी ड्रीम ट्रस्ट की अध्यक्ष नीरा मिश्रा और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के डॉ विनय कुमार इस अवसर पर मौजूद रहे।

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