संजीवनी टुडे

नीति आयोग की बैठक में बोले योगी, 20 फीसदी फसल नुकसान पर किसानों को मिले राहत

संजीवनी टुडे 15-06-2019 22:43:48

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नीति आयोग को सुझाव दिया कि किसानों को 33 प्रतिशत के बजाए 20 फीसदी फसल नुकसान पर राहत दी जाए।


नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नीति आयोग को सुझाव दिया कि किसानों को 33 प्रतिशत के बजाए 20 फीसदी फसल नुकसान पर राहत दी जाए। उन्होंने सोनभद्र और चंदौली से केंद्रीय बलों की वापसी के आदेश को निरस्त करने की भी मांग की।राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि किसानों को राहत पहुंचाने के लिये सूखा घोषित क्षेत्रों में फसल क्षति की सीमा को 33 प्रतिशत की सीमा से कम करते हुये 20 प्रतिशत कर दिया जाए। इसके अलावा बाढ़ विभीषिका के समय बाढ़ मेमोरेण्डम के आधार पर परिसम्पत्तियों के रेस्टोरेशन हेतु यदि भारत सरकार द्वारा एक माह के अंदर निरीक्षण कराकर राज्यों को अपेक्षित सहायता प्राथमिकता पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर दी जाये तो इससे राज्यों को राहत मिल सकेगी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री योगी ने आग्रह किया कि एसडीआरएफ के अंतर्गत राहत के विभिन्न मदों में वर्तमान में देय सहायता को बढ़ाया जाना उचित होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि किसान क्रेडिट कार्ड की कर्ज व्यवस्था को फसल के स्थान पर जमीन के क्षेत्रफल के आधार पर बनाया जाना चाहिए। इससे किसानों को अधिक साख सीमा उपलब्ध होगी। उन्होंने इस दौरान बताया कि उत्तर प्रदेश में राजस्व परिषद द्वारा भूमि रिकार्ड को पूर्णतः कम्प्यूटरीकृत कर दिया गया है।

 
योगी ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को चुस्त दुरुस्त, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए उचित दर विक्रेताओं द्वारा ई-पाॅस मशीनों के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि ई-पाॅस मशीनों के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किये जाने के परिणामस्वरूप सब्सिडी की होने वाली बचत में से कुछ अंश कोटेदारों को अनुमन्य लाभांश अथवा मार्जिन मनी की धनराशि बढ़ाने पर विचार किया जाना चाहिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के नक्सल प्रभावित सोनभद्र व चन्दौली जनपदों में तैनात 03-03 सीआरपीएफ कम्पनियों की वापसी के आदेश गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में नक्सली संचरण पर अंकुश लगाये जाने हेतु अभी भी केंद्रीय बल की नितान्त आवश्यकता है। अतः इनकी वापसी के आदेश पर विचार युक्ति संगत होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केन्द्र तथा राज्य सरकार के समन्वित प्रयास प्रदेश की समस्याओं का ससमय निराकरण करने तथा प्रदेश को नई उँचाइयों पर ले जाने में सहायक होंगे। योगी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ सबका विकास के संकल्प के अनुरूप जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में लगी है। उन्होंने कहा कि अनेक मोर्चों पर उत्तर प्रदेश सरकार ने बेहतरीन काम किया है और केंद्र सरकार की योजनाओं को अच्छे से लागू कर रही है। 

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रथम चरण में 62 हजार करोड़ रुपये की 81 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। द्वितीय चरण में लगभग 70 हजार करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं का शिलान्यास प्रस्तावित है। योगी ने कहा कि प्रदेश में अब तक दो करोड़ 58 लाख से अधिक ऊर्जा दक्ष एलईडी का वितरण किया गया है। इससे सालाना 3469 मिलियन किलोवाट बिजली की बचत होनी संभावित है, जिससे कुल 1388 करोड़ रुपये की सालाना बचत होगी। सौर ऊर्जा सेक्टर में 1535 मेगावाट के 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। स्वच्छ भारत मिशन की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में 18.73 करोड़ से ज्यादा व्यक्तिगत शौचालय बन गये हैं।योगी ने केंद्र सरकार की परियोजनाओं के अतिरिक्त राज्य सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं की भी चर्चा की। बताया कि कानपुर एवं आगरा में मेट्रो रेल परियोजना पर शीघ्र ही कार्य प्रारम्भ हो जायेगा। एक जनपद-एक उत्पाद” योजना के तहत पिछले साल आयोजित समिट की भी चर्चा की। 

मुख्यमंत्री ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा अब तक के कार्यों को भी बैठक में विस्तार से रखा। इसके अलावा किसानों के हित में अब तक लिये गये निर्णयों की चर्चा की और बताया कि किसानों को कृषि की नवीनतम तकनीक से प्रशिक्षित कराने हेतु दो सालों से किसान पाठशाला का आयोजन किया जा रहा है। अक्टूबर 2018 में आयोजित कृषि कुम्भ के सफल आयोजन की भी उन्होंने इस दौरान चर्चा की। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में नीति आयोग की आज पहली बैठक हुई। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। इस बैठक में योगी समेत करीब सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, संघ शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, कई केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हुए। नीति आयोग संचालन परिषद की बैठक में पिछली बैठकों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की जाती है और विकास से संबंधित भविष्य की प्राथमिकताएं तय की जाती हैं। 

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