संजीवनी टुडे

AAP के विधायकों पर राष्ट्रपति के फैसले को यशवंत ने बताया 'तुगलकशाही'

संजीवनी टुडे 22-01-2018 10:49:38

नई दिल्ली। कुछ ही दिन पूर्व दिल्ली की AAP के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराने के बाद, चुनाव आयोग के जरिए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को की गई सिफारिश पर रविवार को मुहर लगा दी गई है। ऐसे में राजनितिक गलियारों में हलचल देखने को मिली है। नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद, यही घमासान सोशल मीडिया पर भी देखा गया है। इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने ट्वीट कर राष्ट्रपति के फैसले को तुगलकी करार दिया है। 

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पहले भी साध चुके हैं निशाना
गौरतलब है कि यशवंत पहले भी मोदी सरकार की नीतियों को लेकर सरकार पर निशाना साध चुके हैं। नोटबंदी को लेकर भी यशवंत ने मोदी को आड़े हाथों लिया था। यशवंत ने मोदी की तुलना मोहम्मद बिन तुगलक से कर दी थी।

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फैसले पर बीजेपी सांसद मिनाक्षी लेखी ने संविधान के मुताबिक करार दिया था। उन्होंने कहा था कि लगता है कि सत्‍ता में कुछ ऐसे लोग आ गए हैं जिन्‍हें शासन-प्रशासन की जानकारी नहीं है। वहीं, कांग्रेस ने फैसले में देरी करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि अगर 22 दिसंबर से पहले यह फैसला लिया जाता तो AAP टूट जाती। 

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क्या है मामला?
AAP ने 13 मार्च, 2015 को अपने 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाया था। इसके बाद 19 जून को प्रशांत पटेल ने राष्ट्रपति के पास इन सचिवों की सदस्यता रद्द करने के लिए आवेदन किया। कानून के मुताबिक, दिल्ली में कोई भी विधायक रहते हुए लाभ का पद नहीं ले सकता है। इसके बाद जरनैल सिंह के पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए राजौरी गार्डन के विधायक के रूप में इस्तीफा देने के साथ उनके खिलाफ कार्रवाई बंद कर दी गई थी। इस्तीफे के बाद इन विधायकों की संख्या 20 रह गई। 

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