संजीवनी टुडे

फरकिया के लाइफ लाइन में यात्रियों की सेवा मुस्कान के साथ का दावा फेल

संजीवनी टुडे 16-05-2019 13:45:46


बेगूसराय। समस्तीपुर रेल मंडल के बखरी अनुमंडल मुख्यालय का सलौना रेलवे स्टेशन दशकों से विभागीय उपेक्षा का दंश झेल रहा है। टोडरमल द्वारा भूमि पैमाइश के दौरान फरक किये गए फरकिया का लाइफ लाइन माने जाने वाले सलौना स्टेशन को करीब तीन वर्ष पहले आदर्श रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित करने का काम शुरू किया गया था लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण इसकी हालत दिनों-दिन और बदतर ही होते जा रही  है।

एनएसजी-5 कोटि के इस स्टेशन से प्रतिदिन औसतन 1927 यात्रियों की आवाजाही रहती है लेकिन पेयजल, बड़ा यात्री शेड, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, महिलाओं के लिए अलग से टिकट काउंटर, आरक्षण कांउटर का नियमित संचालन सहित लंबी दूरी के ट्रेनों का ठहराव सुविधाएं नदारद है।

फुट ओवर ब्रिज, एप्रोच पथ, जीआरपी थाना, रैक प्वाइंट का अलग से निर्माण कर प्लेटफॉर्म संख्या दो को यात्री उपयोग के लिए चालू न होना यात्रियों को खल रहा है। रेल पुलिस की मिलीभगत से तीन तसिया गिरोह का आतंक चरम पर है। रोज दर्जनों यात्री इसके शिकार हो रहे हैं।

यात्री संघ के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, मारवाड़ी युवा मंच के गौरव अग्रवाल, बखरी विकास क्लब के संजीत साह, गोपाल सिंह, रविन्द्र प्रसाद, नंदन पाठक, दैनिक यात्री प्रमोद केशरी, गौकरण साह एवं कौशल किशोर क्रांति आदि ने बताया कि प्लेटफॉर्म एक और दो के बीच रेल गाड़ियों को थ्रू पास कराने के लिए मेन लाइन बना हुआ है लेकिन 2011 से मक्का के सीजन में प्लेटफॉर्म संख्या-दो को रैक प्वाइंट बना दिया जाता है। जिसके कारण पैसेंजर ट्रेनों का क्रासिंग मेन लाइन पर कराया जाता है। 

रेलगाड़ी की सूचना होते ही सामान के साथ सैकड़ों यात्री प्लेटफॉर्म से नीचे उतरकर रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों के इंतजार में खड़े होते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दिव्यांग एवं बीमार यात्रियों को उठानी पड़ती है। जबकि जिस मेन लाइन पर यात्री ट्रेन के इंतजार में खड़े होते हैं, उस पर से राजधानी समेत एक्सप्रेस एवं कई द्रुतगामी मालगाड़ियों को थ्रू पास कराया जाता है। स्टेशन पर उद्घोषणा के माध्यम से यात्रियों को ट्रैक पर से हटने का निर्देश दिया जाता है। ऐसे में यात्रियों को अपने सामान के साथ महिला, बच्चे एवं वृद्ध परिजनों के साथ यात्रा करते समय ट्रेन पर चढ़ने-उतरने में काफी परेशानी होती है।

पर्याप्त संसाधन के बावजूद रैक प्वाइंट का अलग से निर्माण नहीं हुआ है। रेलवे को प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का राजस्व देने वाले सलौना रेलवे स्टेशन से रेलवे रिकॉर्ड के अनुसार 2013 से लेकर अबतक लगभग 30 से 35 रैक हर वर्ष भेजे जाते हैं। दिवंगत सांसद डॉ. भोला सिंह ने खुले मंच से अपर मंडल रेल प्रबंधक राजेश कुमार पांडेय को दो माह के भीतर प्लेटफॉर्म को दुरुस्त कर जनहित से जुड़ी समस्या को दूर करने को कहा था।

लेकिन पिछले दिनों समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम अशोक माहेश्वरी ने सलौना स्टेशन के निरीक्षण के दौरान कहा कि प्लेटफार्म संख्या-दो का जीर्णोद्धार और विस्तारीकरण का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि अगले महीने से उसे रैंक प्वाईंट के रूप उपयोग किया जाएगा। 

2018 में हम (से) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह ने सलौना स्टेशन के जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर रेल मंत्रालय से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में मंत्रालय ने स्टेशन से जुड़ी सात में से पांच मांगों को सिरे से खारिज कर दिया। 

रेल राज्यमंत्री ने कहा कि यहां छह माह में महज 284 टिकट बुक होने के कारण 12523/ 12524 न्यू जलपाईगुड़ी-आनंद विहार एक्सप्रेस, 19601/19602 न्यू जलपाईगुड़ी-अजमेर एक्सप्रेस, 12407/12408 न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर एक्सप्रेस और 15531/15532 सहरसा-अमृतसर एक्सप्रेस का ठहराव नहीं दिया जा सकता है। मंत्री ने कहा था कि इस स्टेशन को आदर्श स्टेशन योजना के तहत विकास हेतु चिन्हित किया गया है लेकिन फिलहाल यहां फुटओवर ब्रिज निर्माण की मांग पूरी नहीं की जाएगी।

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बहरहाल, सलौना स्टेशन के यात्री असुविधाओं के बीच असुरक्षित यात्रा करने को मजबूर होकर किसी तारणहार की बाटजोह रहे हैं जो उन्हें आर्दश स्टेशन की सुविधा दिला सके।

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