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असली पिता की पहचान के लिए भी होता डीएनए टेस्ट, जानिए हर बात

संजीवनी टुडे 21-03-2018 11:39:55

डेस्क। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में बताया कि मोसूल में लापता 39 भारतीयों की मौत हो चुकी है। वहीं सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि सभी 39 लोगों के अवशेष मिल चुके हैं और डीएनए रिपोर्ट से उनकी पहचान भी कर ली गई है। लेकिन आखिर यह डीएनए क्या होता है?, डीएनए रिपोर्ट क्या होती है? इन्हीं दोनों सवालों के जवाब हम आपको देने वाले हैं।

डीएनए क्या होता है?
आपने अक्सर देखा होगा कि एक ही परिवार के कई लोगों में किसी न किसी बात की समानता होती है। पिता-पुत्र या पुत्री, भाइयों या बहनों की शक्ल एक जैसी ही होती है। हालांकि कई बार शक्ल न मिलके बाल, आवाज, बॉडी लैंग्वेज, आंखे मिलती-जुलती होती हैं। कई बार यह भी देखा जाता है कि जो बिमारी माता-पिता को होती है वो उनके होने वाले बच्चे में भी आ जाती है। आसान भाषा में कहें तो यह सब डीएनए के एक पीढ़ी से दूसरी में पीढ़ी में स्थानंतरण की वजह से ही होता है। डीएनए की खोज जेम्स वॉटसन और फ्रांसिस क्रिक ने 1953 में की थी, उनकी इस खोज के लिए दोनों को 1962 में सयुंक्त रूप से नोबेल पुरस्कार दिया गया।

विज्ञान की भाषा में समझें तो डीएनए क्रोमोसोम के रूप में होता है। एक कोशिका में गुणसूत्रों के सेट अपने जीनोम का निर्माण करता है। मानव जीनोम गुणसूत्रों के 23 जोड़ें होते हैं यानी कुल 46 गुणसूत्र पाए जाते हैं। जीन आनुवांशिकता की मूलभूत इकाई होती है। साइंस में कहा जाता है कि डीएनए अमर होता है जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर होता है।

डीएनए टेस्ट क्या होता है?
अब जब आप ये समझ चुकें है कि डीएनए एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानातंरण होता है और उसी की वजह से एक ही परिवार के कई लोगों में समानता होती है। वैज्ञानिकों ने इसी स्थानातंरण की प्रकृति को समझने की कोशिश की और इसी प्रयास की सफलता को डीएनए टेस्ट का नाम दिया। दरअसल इस टेस्ट में जिन दो व्यक्तियों की जांच की जानी है उनके डीएनए सैंपल लेकर दोनों का मिलान किया जाता हैं।

डीएनए सैंपल कैसे लिया जाता है?
मानव शरीर के किसी भी अंग से डीएनए का सैंपल लिया जा सकता है। बाल, नाखून, त्वचा, ब्लड़ और गालों के अंदर से रूई या ब्रश की सहायता से सैंपल लिया जा सकता है। यह इस दशा में बहुत कारगर होता है जब व्यक्ति उस हालत में हो कि उसे पहचाना न जा सके। जैसे मोसूल में लापता 39 भारतीयों के कुछ ही अवशेष मिलें हैं और उनकी पहचान के लिए डीएनए के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं हैं। अपराध की घटनाओं खासकर रेप के मामलों में डीएनए टेस्ट अपराधी तक पहुंचने में काफी कारगर होता है।

असली पिता की पहचान के लिए भी होता है डीएनए टेस्ट
एनडी तिवारी वाले मामले में आपने देखा ही होगा कि नेताजी ने 14 साल बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अपने बेटे को स्वीकार किया है, यह भी डीएनए टेस्ट से ही संभव हो पाया है। वहीं आजकल बच्चे के असली पिता को लेकर भी झगड़े सामने आते हैं। इस प्रकार के झगड़ों को सुलझाने के लिए डीएनए टेस्ट की मदद ली जाती है। भ्रूण के आसपास के द्रव को लेकर उससे डीएनए टेस्ट किया जाता है जिससे की आसानी से पता लगाया जा सकता है कि इस बच्चे का असली पिता कौन हैं।

MUST WATCH

डीएनए टेस्ट विज्ञान की महत्वपूर्ण सफलताओं मे से एक हैं। डीएनए की मदद से आप आपकी सात पीढ़ियों की जानकारी जुटा सकते हैं। अब यह जांच और अपग्रेड हो गई है ऐसे में इससे कई प्रकार की अन्य जानकारियां भी आसानी से जुटाई जा सकती है।

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