संजीवनी टुडे

चांद-तारे वाले हरे झंडे को लेकर वसीम रिजवी ने कहा- भारत में इस पर लगे बैन

संजीवनी टुडे 17-04-2018 20:21:07


नई दिल्ली। शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दाखिल की है। इसमें उन्होंने मांग की है कि इस्लाम के नाम पर देश में जिस झंडे का इस्तेमाल किया जाता है, वह पाकिस्तान की राजनीतिक पार्टी मुस्लिम लीग का झंडा है, उसे बैन किया जाए। रिज़वी ने कहा है।  

कि इस झंडे को इस्लामिक झंडा बता कर लोगों को गुमराह किया जाता है जबकि इसका इस्लाम से कोई लेना देना नहीं। पैगंबर मोहम्मद जब मक्का गए, तब उनके हाथ में सफेद झंडा था। मध्य युग में भी इस्लामिक फौजों के अलग-अलग झंडे होते थे।  चांद तारे वाले हरे झंडे का 1906 से पहले कोई वजूद नहीं था। 

ू

याचिका में कहा गया है कि 1906 में ढाका में इसे मुस्लिम लीग के झंडे के तौर पर डिजाइन किया गया। बंटवारे के बाद पाकिस्तान ने इसमें मामूली बदलाव कर इसे राष्ट्रीय ध्वज बनाया।  अब भी पाकिस्तान मुस्लिम लीग कायदे-आज़म नाम की पार्टी इसी झंडे का इस्तेमाल करती है। 

ू

वसीम रिज़वी के मुताबिक कट्टर और पाकिस्तानपरस्त लोगों ने भ्रम फैलाया है कि ये इस्लामिक झंडा है। ज़्यादातर लोगों को सच्चाई पता नहीं। उनके मकानों में कुछ स्वार्थी लोग ये झंडा लगा जाते हैं। वो इसे धार्मिक झंडा समझ कर लगा रहने देते हैं। मुस्लिम बस्तियों में भी यहां वहां इस झंडे को लगा दिया जाता है। 

MUST WATCH

उन्होंने झंडा लगाने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की। याचिका में पाकिस्तान को भारत का शत्रु राष्ट्र बताया गया है। कहा गया है कि पाकिस्तान की किसी पार्टी का झंडा लगाना देश विरोधी गतिविधि है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। 

sanjeevni app

More From national

Loading...
Trending Now
Recommended