संजीवनी टुडे

लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान जरूरी, वयस्क नागरिकों के लिए किया जाना चाहिए अनिवार्य

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 22-11-2019 19:55:49

सदस्यों ने शुक्रवार को कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान जरूरी है और इसमें रहने वाले सभी वयस्क नागरिकों के लिए मतदान अनिवार्य किया जाना चाहिए।


नई दिल्ली। लोकसभा में सदस्यों ने शुक्रवार को कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान जरूरी है और इसमें रहने वाले सभी वयस्क नागरिकों के लिए मतदान अनिवार्य किया जाना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जनार्दन सिंह सेग्रीवाल द्वारा पेश गैर सरकारी विधेयक 'अनिवार्य मतदान विधेयक, 2019' पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए भाजपा के रविकिशन ने कहा कि अगर देश के नागरिकों को सुविधा चाहिए तो उनके लिए वोट देना अनिवार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में सुधार का ही परिणाम है कि आज बाहुबली बूथ कब्जा कर चुनकर नहीं आ रहे हैं।

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आएसपी के एन के प्रेमचंद्रन ने कहा कि यह लोकतंत्र की खूबी है कि वह एक दल के एक व्यक्ति लोकसभा में चुनकर आये हैं और देश में मतदान अनिवार्य बनाए जाने के बारे में लम्बा चौडा विचार रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी लोकतंत्र की यह खूबसूरती है कि एच डी देवगौडा 34 सदस्यों के साथ देश के प्रधानमत्री बन जाते हैं और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार एक मत से गिर जाती है। उन्होंने कहा कि महज 30-40 प्रतिशत लोग चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेते हैं इस बारे में विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार को मतदान पत्रों के जरिए चुनाव की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई विकसित देश वापस मत पर्चियों पर आए हैं और वहां मत पत्र से मतदान हो रहा है। भारत सरकार को भी इस बारे में सोचना चाहिए। इस संबंध में कई बार चुनाव आयोग का ज्ञापन दिया गया है लेकिन उस पर विचार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जब मतदान पहचान पत्र का इस्तेमाल सभी सुविधाओं के लिए किया जा सकता है तो मतदान कार्ड धारक के लिए वोट करना भी अनिवार्य बनाया जाना चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि मतदान अनिवार्य करने को लेकर सरकार को व्यवस्थित रूप से सामने आना चाहिए और इसको लेकर कानून बनाचा हिए। उन्होंने कहा कि इधर सरकार चुनावी बौंड लेकर आयी है जिसमें 222 करोड रुपए से ज्यादा आए हैं लेकिन उसका 95 फीसदी पैसा एक ही दल को गया है। इस तरह से सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचाने वाली व्यवस्था नहीं होनी चाहिए।

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