संजीवनी टुडे

वीडियो : क्या सचमुच में पिछड़ा है जम्मू कश्मीर? जानिए क्या कहते है आंकड़े...

संजीवनी टुडे 09-08-2019 15:01:01

जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 के तहत मिलने वाले विशेषाधिकार हटने के बाद से कहा जा रहा है कि अब जम्मू समेत पूरे राज्‍य का तेजी से विकास हो सकेगा।


नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 के तहत मिलने वाले विशेषाधिकार हटने के बाद से कहा जा रहा है कि अब जम्मू समेत पूरे राज्‍य का तेजी से विकास हो सकेगा। मगर यदि बीते कुछ सालों की बात करें और विभिन्‍न स्‍तरों पर आंकड़ों को देखें तो जम्मू कश्मीर के हालात अन्य प्रदेशों से काफी अच्छे हैं। जम्मू की हालत जनसंख्या के लिहाज से बड़े यूपी और बिहार से भी अच्छी है। यदि कुछ मानकों पर जम्मू कश्मीर की तुलना अन्य राज्यों से करें तो जम्मू के हालात अच्छे दिखाई देते हैं। आइए देखते हैं कुछ अलग-अलग बिंदुओं पर जम्मू कश्मीर किन-किन राज्यों से संसाधनों के मामले में संपन्न है।

राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी को भारत रत्न मिलने पर दी बधाई

बात करे स्वास्थ्य की तो 
2017 के आंकड़ों केल अनुसार जम्‍मू कश्‍मीर में जन्‍म के समय मरने वाले बच्चों की संख्या बहुत ही कम है। यदि यहां पर हजार बच्चों का जन्म होता है तो उसमें से मात्र एक की ही मौत होती है। यदि अन्य राज्यों से इस चीज की तुलना करें तो ये आंकड़ें काफी बेहतर नजर आते हैं। अन्य राज्यों की बात करें तो उनमें केरल, तमिलनाडु और दिल्ली को शामिल किया गया है। इन राज्यों में क्रमशः 1000 बच्चों के जन्म लेने पर मृत्युदर 10, 16 और 16 है। सबसे अधिक खराब हालात मध्य प्रदेश, असम और ओडिशा के हैं। मध्य प्रदेश में प्रति हजार बच्चों के जन्म लेने पर 47, असम में 44 और ओडिशा में 41 बच्चों की मौत हो जाती है।

जन्म के समय स्त्री पुरुष अनुपात
अगर बात करे जन्म के समय 1000 बच्चों पर लड़कियों की संख्या की बात करें तो वो भी अन्य राज्यों के मुकाबले अधिक है। छत्तीसगढ़ में प्रति एक हजार बच्चों पर लड़कियों की संख्या 961, केरला में 948 और वेस्ट बंगाल में 939 है। सबसे खराब हालात हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड राज्यों की है। हरियाणा में प्रति 1000 लड़कों पर 833 लड़कियां, उत्तराखंड में 841 और दिल्ली में 850 है।

अगर अर्थव्यवस्था की बात करे तो 
घरेलू उत्पाद 2016-17 के अनुसार जम्मू कश्मीर ने बिहार और उत्तर प्रदेश को पीछे छोड़ रखा है। यूपी और बिहार से अच्छे हालात जम्मू कश्मीर के हैं। सबसे बेहतर स्थिति दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र की है। दिल्ली में प्रति व्यक्ति सकल राज्य घरेलू उत्पाद 2.87 लाख है। सबसे खराब हालात बिहार, यूपी और झारखंड की है। सकल राज्य घरेलू उत्पाद विकास दर में भी कश्मीर की स्थिति बहुत खराब नहीं है। इसकी दर 5.5 फीसदी है। 

बेरोजगारी का अनुपात साल 2017-18 के अनुसार 
आपको बता दें कि बेरोजगारी अनुपात में भी जम्मू की स्थिति ठीक दशा है। इसका प्रतिशत 5.3 है। बेहतर प्रदेशों की बात करें तो छत्तीसगढ़-3.3, आंध्र प्रदेश-4.5 और मध्य प्रदेश भी 4.5 के साथ अच्छी स्थिति में है। खराब हालात में केरल-11.4, दिल्ली-9.7 और हरियाणा-8.6 के नाम है।

साक्षरता दर 
जम्मू कश्मीर में साक्षरता दर भी ठीक स्थिति में है। यहां की साक्षरता दर 67.2 फीसद है। सबसे अधिक खराब प्रदेशों में बिहार-61.8, अरूणाचल-65.4 और राजस्थान-66.1 के साथ खराब स्थान पर है। अच्छे प्रदेशों में केरल-94, दिल्ली-86.2 और हिमाचल-82.8 के साथ बेहतर स्थिति में है।

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166

 

More From national

Trending Now
Recommended