संजीवनी टुडे

उप राष्‍ट्रपति नायडू का बड़ा बयान, बोले भारत कई भाषाओं से समृद्ध है, कोई भाषा थोपी नहीं जानी चाहिए

संजीवनी टुडे 20-09-2019 22:55:12

प राष्‍ट्रपति ने छात्रों को रचनात्‍मक, आत्‍मविश्‍वासी, सक्षम और जिज्ञासु बनाये जाने के लिए शिक्षा प्रणाली और पाठ्यक्रमों में आवश्‍यक बदलाव करने पर जोर दिया।


नई दिल्ली। उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने लोगों से अधिक से अधिक भाषाएं सीखने का आह्वान करते हुए शुक्रवार को कहा कि कोई भी भाषा थोपी नहीं जानी चाहिए और न ही किसी भाषा विशेष का विरोध होना चाहिए।

यह खबर भी पढ़े:चंद्रयान-2: लगातार टूटती जा रही है 'लैंडर विक्रम' से संपर्क की उम्मीदें, अब बचा है मात्र 1 दिन, जानिए आगे क्या होगा?

छात्रों के साथ यहां बातचीत करते हुए नायडू ने जोर देकर कहा कि भारत कई भाषाओं से समृद्ध है। छात्रों तथा शिक्षकों को नयी भाषाएं सीखने के साथ ही अपनी मातृभाषा को भी पूरा महत्‍व देना चाहिए। उन्‍होंने पर्यटन को शिक्षा का एक माध्‍यम बताते हुए छात्रों से देश की विविध संस्‍कृति, विरासत, खानपान और भाषाओं को समझने के लिए देश के प्रमुख पर्यटन स्‍थलों की यात्रा करने को कहा ताकि वह देश की अनूठी बहुरंगी संस्‍कृति से भली भांति परिचित हो सकें।

नायडू ने कहा कि वह देश के भीतर ऐतिहासिक, आध्‍यात्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पर्यटक स्‍थलों का ज्‍यादा से ज्‍यादा भ्रमण करें और इसके माध्‍यम से देश की विविध सांस्‍कृतिक विरासत के बारे अधिक से अधिक जानकारी हासिल करें । उन्‍होंने कहा कि ऐसी यात्राएं ज्ञानवर्द्धक होने के साथ ही देश की अतीत को बेहतर समझने का अवसर देंगी।

उप राष्‍ट्रपति ने छात्रों को रचनात्‍मक, आत्‍मविश्‍वासी, सक्षम और जिज्ञासु बनाये जाने के लिए शिक्षा प्रणाली और पाठ्यक्रमों में आवश्‍यक बदलाव करने पर जोर दिया। उन्‍होंने साथ यह सुझाव भी दिया कि नयी शिक्षा नीति ऐसी होनी चाहिए जिसमें भारतीय इतिहास और देश के विभिन्‍न हिस्‍सों से स्‍वाधीनता संग्राम में भाग लेने वाले स्‍वाधीनता सेनानियों के योगदान पर विशेष जोर हो। उन्‍होंने कहा औपनिवेशिक सत्‍ता के खिलाफ संघर्ष में भाग लेने वाले ऐसे नायकों की संख्‍या काफी रही है।

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166

More From national

Trending Now
Recommended