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उन्नाव दुष्कर्म पीडिता की सफदरजंग अस्पताल में मौत, आखिरी शब्द- मैं जीना चाहती हूं

संजीवनी टुडे 07-12-2019 09:55:14

राष्ट्रीय राजधानी के सफदरजंग अस्पताल में उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता ने शुक्रवार देर रात अंतिम सांस ली। सफदरजंग अस्पताल के बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी के अध्यक्ष डॉ. शलभ कुमार ने बताया कि लड़की को गंभीर हालत में गुरुवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन कल रात करीब साढ़े आठ उसकी तबियत तेजी से बिगड़ने लगी।


नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के सफदरजंग अस्पताल में उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता ने शुक्रवार देर रात अंतिम सांस ली। सफदरजंग अस्पताल के बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी के अध्यक्ष डॉ. शलभ कुमार ने बताया कि लड़की को गंभीर हालत में गुरुवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन कल रात करीब साढ़े आठ उसकी तबियत तेजी से बिगड़ने लगी। 

डॉक्टरों ने दवाई की डोज भी बढाई लेकिन करीब 11.10 पर उसे दिल का दौरा पड़ा और 11.40 पर अंतिम सांस ली। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के बड़े प्रयासों के बावजूद पीड़िता को बचाया नहीं जा सका।

शुक्रवार को इलाज के दौरान पीड़िता ने अपने भाई से कहा था, ‘मैं मरना नहीं चाहती हूं... दोषियों को बिल्कुल भी छोड़ना नहीं है.’

गौरतलब है कि गुरुवार सुबह ही उन्नाव में पांच आरोपियों ने उस पर पेट्रोल डालकर जला दिया था। इन आरोपियों में से एक पीड़िता के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म का मुख्य आरोपी भी था।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने ट्वीट कर कहा “खोखले सिस्टम से लड़ने के बाद देश की एक और बेटी ने दम तोड़ा। मरते हुए भी लड़ती रही और डॉक्टर से उसे ज़िंदा रखने की गुहार लगाती रही-कह रही थी उसे अपने क़ातिलों को फाँसी चढ़ते हुए देखना है।”उन्होंने गूँगी बहरी केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से- कातिलों को तुरंत फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई कर फाँसी देने की अपील की है।

बता दें कि उन्नाव की गैंगरेप पीड़िता को आरोपियों ने जिंदा जलाने की कोशिश की थी, जिंदा जलने के बाद भी करीब एक किमी. तक भागती हुई गई थी। बाद में खुद ही पुलिस को फोन किया और अपनी हालत के बारे में बताया. जिसके बाद युवती को लखनऊ रेफर किया गया और फिर बाद में तुरंत एयर एंबुलेंस दिल्ली पहुंचाया गया। 

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