संजीवनी टुडे

राज्य के 11 विभिन्न समुदायों को एसटी वर्ग में शामिल करने पर हुआ विचार

संजीवनी टुडे 17-05-2018 22:18:19

नई दिल्ली। केंद्रीय जनजाति मामलों के मंत्रालय की सचिव लीना नायर ने गुरुवार को राज्य के मुख्य सचिव एके श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजधानी गंगटोक में महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक का आयोजन राज्य के 11 विभिन्न समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल करने के मुद्दे पर विचार के लिए किया गया था।

राज्य सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने बताया कि सिक्किम सरकार के सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण एवं कल्याण विभाग की सचिव सरला राई ने जनजाति की मान्यता प्राप्त करने से छूटे 11 समुदायों को अनुसूचित जनजाति की सूची में अंतर्भुक्त करने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे विभिन्न पहलों की जानकारी दी। उन्होंने मंत्रालय की सचिव को बताया कि जब भारत सिक्किम में विलय हुआ था तब तीन समुदाय भूटिया, लेप्चा और नेपाली तत्कालीन राजा के सब्जेक्टधारी प्रजा थे। विलय के बाद भूटिया और लेप्चा को आदिवासी की मान्यता दी गई। इसी प्रकार नेपाली/गोरखा समुदाय के कामी, लोहार, दमाई और सार्की को अनुसूचित जाति तथा बाद में लिम्बू और तमांग को अनुसूचित जनजाति की मान्यता दी गई। लेकिन, इस प्रकार के चयन कार्य से सिक्किम के सभी वर्गों की सामाजिक और आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए संविधान की विशेष धारा 371एफ द्वारा प्रदान किए न्यायसंगत व्यवस्था के प्रावधान का उल्लंघन हुआ है।

उन्होंने गृह मामिला मंत्रालय के पूर्व महानिदेशक ओके मूर्ति द्वारा सिक्किम के तत्कालीन मुख्य सचिव को प्रेषित उस चिट्‌ठी के बारे में बताया जिसमें पूर्व महानिदेशक ने सिक्किम के अन्य समुदायों को भी अनुसूचित जनजाति के सूची में अंतर्भुक्त करने की सलाह दी थी। लेकिन, उस पत्र का जवाब नहीं भेजा गया जो सिक्किम के लिए ऐतिहासिक भूल साबित हो गई। उन्होंने सचिव नायर को सिक्किम के 11 समुदायों को अनुसूचित जनजाति के सूची में अंतर्भुक्त करने की मांग पर विचार करने का अनुरोध किया। वहीं, सचिव नायर ने सिक्किम के 11 समुदायों को अनुसूचित जनजाति के सूची में अंतर्भुक्त करने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच हुई पत्रचार और दस्तावेजों का पुनःआवलोकन करने की बात कही।

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