संजीवनी टुडे

आज दूसरे दिन भी नहीं खुल पाया गौरीकुण्ड-केदारनाथ पैदल मार्ग, यात्रा रही बंद

संजीवनी टुडे 09-08-2020 22:21:56

केदारनाथ यात्रा पड़ाव के गौरीकुण्ड से 500 मीटर आगे पहाड़ी से हुए भारी भूस्खलन के कारण पैदल मार्ग बंद पड़ा है।


रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा पड़ाव के गौरीकुण्ड से 500 मीटर आगे पहाड़ी से हुए भारी भूस्खलन के कारण पैदल मार्ग बंद पड़ा है। शनिवार सुबह से बंद पड़े मार्ग को रविवार को भी नहीं खोला जा सका, जिससे विभिन्न पड़ावों में केदारनाथ जाने के लिए रुके तीर्थयात्रियों में मायूसी देखने को मिली। पांच सौ से ज्यादा तीर्थयात्री मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं और केदारनाथ जाना चाहते हैं लेकिन पैदल मार्ग पर भूस्खलन के कारण यात्रा को रोका गया है। 

गौरीकुण्ड-केदारनाथ 18 किमी पैदल मार्ग के गौरीकुण्ड से 500 मीटर की दूरी पर भारी भूस्खलन हुआ है, जिस कारण यात्रा पर ब्रेक लग गया है। केदारनाथ से वापस आने वाले तीर्थयात्रियों को किसी तरह इस स्थान पर रस्सी के सहारे दूसरे छोर पहुंचाया गया लेकिन केदारनाथ जाने वाले सैकड़ों तीर्थयात्री मार्ग दुरुस्त होने का इंतजार कर रहे हैं। भूस्खलन के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग बीते शनिवार सुबह अवरुद्ध हो गया था। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-लोनिवि द्वारा मलबा सफाई के लिए जेसीबी मशीन भी मौके पर भेजी गई लेकिन रविवार को भी पहाड़ी से दो बार भारी भूस्खलन होने से पुनः मलबे का ढेर लग गया। रास्ते के अवरुद्ध होने के कारण बाबा केदार की यात्रा दूसरे दिन भी बंद रही। प्रशासन द्वारा सोनप्रयाग व गौरीकुंड में श्रद्धालु रोके गए हैं, जबकि केदारनाथ से लौटे कुछ यात्रियों को एसडीएआरफ की टीम से सुरिक्षत गौरीकुंड पहुंचा दिया गया है। 

जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित सुमंत तिवाड़ी और व्यापार संघ अध्यक्ष गौरीकुण्ड अरविंद गोस्वामी ने कहा कि केदारनाथ यात्रा पड़ाव में हर दिन बारिश हो रही है। बरसाती सीजन को देखते हुए प्रशासन को पहले ही तैयारी कर देनी चाहिए थी लेकिन प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। आधी-अधूरी तैयारियों के बीच ही केदारनाथ यात्रा का संचालन हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से बाहरी प्रदेश के लोगों के लिए भी यात्रा शुरू की गई है लेकिन यात्रा मार्गो पर अव्यवस्थाओं से तीर्थयात्री परेशान हैं। उन्हें खाने, पीने, रहने, शौचालय सहित अन्य समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। दो दिनों से गौरीकुण्ड-केदारनाथ पैदल मार्ग भी बंद पड़ा हुआ है। यात्रा मार्ग पर तैनात एसडीआरएफ और पुलिस के जवान अपनी जान हथेली पर रखकर तीर्थयात्रियों को रस्सी के सहारे दूसरे छोर पहुंचा रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन का यात्रा के प्रति उदासीन रवैया बना हुआ है। 

उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू करने से पहले प्रशासन की ओर से शौचालय, पानी, रहने और खाने की उचित व्यवस्था की जानी चाहिए थी, जो नहीं किया गया। पैदल मार्ग पर भूस्खलन को देखते पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होने चाहिए थे लेकिन यह भी नहीं किया गया। तीर्थयात्रियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कुछ दिन पहले करंट लगने से खच्चर की मौत हो गई थी, जबकि एक यात्री घायल हो गया था। इसके बाद भी प्रशासन सोया हुआ है। यात्रा मार्गो की कोई सुध नहीं ली जा रही है। सोनप्रयाग में तैनात कानून-गो एमएल अंजवाल ने बताया कि पैदल मार्ग अवरुद्ध होने के चलते किसी भी यात्री को आगे नहीं जाने दिया जा रहा है। इधर, डीडीएमए के ईई प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि प्रभावित जगह पर बार-बार भूस्खलन से मलबा सफाई में दिक्कत हो रही है। सोमवार सुबह तक मलबा साफ कर रास्ता आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।

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