संजीवनी टुडे

मंड्या, तुमकुरु और हासन लोकसभा सीट पर प्रतिष्ठा बचाने के लिए जेडीएस ने झोंकी पूरी ताकत

संजीवनी टुडे 17-04-2019 14:42:10


बेंगलुरु। कर्नाटक राज्य की तीन लोकसभा सीटों पर सत्तारूढ़ जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इस बार मंड्या, तुमकुरु और हासन लोकसभा सीट पर देवेगौड़ा परिवार के सदस्यों ने अपनी जीत दर्ज कराने के लिए पूरी ताकत लगा रखी है। हालांकि चैनलों के सर्वे के अनुसार उनकी जीत पक्की है लेकिन इसके विपरीत लोगों की धारणाओं से उनकी जीत पर आशंका होना स्वाभाविक भी है। इन सीटों पर भाजपा ने अपनी राजनीतिक बिसात बिछा रखी है, जोे चुनाव परिणामों के साथ जेडीएस के राजनीतिक भविष्य को प्रभावित कर सकती है।

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हालांकि, जेडीएस अन्य सीटों पर भी चुनाव मैदान में है, लेकिन वहां इन तीन सीटों की अपेक्षा इतने कड़े प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। पार्टी के दिग्गजों ने इस तरह के आश्चर्यजनक परिणामों की आशंका के कई कारण भी बताए जा रहे हैं, जो स्थानीय निजी टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर अनुमानों के विपरीत हैं। दो टीवी चैनलों ने इन तीन प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों के बारे में सर्वेक्षण के निष्कर्षों को प्रसारित किया है, जो राज्य में ही नहीं बल्कि देश में भी लोगों की नजर में है।

एक चैनल, जिसेे सरकार का पक्षधर माना जाता है, ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के अभिनेता पुत्र निखिल कुमारस्वामी 1.80 लाख वोटों के बड़े अंतर से जीतेंगे और एक अन्य राष्ट्रीय समूह से संबद्ध चैनल ने भी उनकी जीत के बारे में संकेत दिया है। सर्वेक्षण में दावा किया गया है कि मंड्या सीट से 43 प्रतिशत लोगों ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुमलता अंबरीश का समर्थन किया, जबकि 58 प्रतिशत ने उनकी पराजय का संकेत दिया है। 

वर्ष 2014 के संसदीय चुनावों के दौरान तत्कालीन कांग्रेस नेता और वर्तमान में जेडीएस के प्रदेश अध्यक्ष एच विश्वनाथ ने इस पार्टी को 'पिता और पुत्रों की पार्टी' के रूप में करार दिया था। तब विश्वनाथ मैसूरु लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार थे। वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में इन तीनों सीटों पर जेडीएस की जीत-हार पर उनका राजनीतिक भविष्य टिका है। जब सवाल अस्तित्व का होे तो एचडी देवेगौड़ा और उनके परिवार का दिन-रात पसीना बहाना स्वाभाविक है। इन तीन सीटों पर तुमकुरु पर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, मंंड्या से मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के पुत्र निखिल कुमार और हासन लोकसभा सीट से मंत्री एचडी रेवन्ना के बेटे प्रज्जवल रेवन्ना मैदान में हैं। इन तीनों सीटों के चुनाव परिणामों पर पूरे राज्य की नजर है।

जैसा कि पहले बताया गया था कि जेडीएस ने 28 लोकसभा सीटों क्षेत्रों में से 12 सीटों की मांग करते हुए सौदेबाजी की रणनीति शुरू की और बाद में आठ सीटों पर ही चुनाव लड़ने पर सहमत हो गई। राजनीतिज्ञों का कहना है कि गठबंधन के सहयोगी जेडीएस के पास इन आठों निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने के लिए अच्छे उम्मीदवार तक नहीं मिले। इसकी पुष्टि इस बात से होती है कि जब जेडीएस को बेंगलुरु उत्तर और उडुपी-चिकमगलुर सीट के लिए उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिला। उडुपी-चिकमगलुर में मई 2018 के विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हारने वाले पूर्व जिला प्रभारी कांग्रेस मंत्री प्रमोद माधवराज को चुनाव लड़ने के लिए चुना गया। जेडीएस के सुप्रीमो एचडी देवेगौड़ा को चुनाव लड़ने के लिए तुमकुरु जाना पड़ा। 

उम्मीद के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में मंड्या, तुमकुरु और हासन में चुनाव लड़ने वाले जेडीएस उम्मीदवारों को लेकर वंशवाद का मुद्दा बना दिया है। जेडीएस कैडर में भी इस मुद्दे कोे लेकर पर्याप्त हंगामा हो चुका है। हालांकि कमल कुमार, जो अभी तक हासन में भगवा पार्टी के कट्टर समर्थक थे, चुनाव की पूर्व संध्या पर जेडीएस के साथ आ गए। कमल कुमार एक अनुभवी वकील की तरह बहस करते हैं।

वह एचडी देवेगौड़ा परिवार के आम कार्यकर्ताओं को मुख्यधारा की राजनीति से परिचित कराने के प्रयासों और बाद में सत्ता के फल का आनंद लेने के बाद परिवार को नीचा दिखाने की अपमानजनक पीड़ा को याद करते हुए कहते हैं कि इस परिवार ने ही एचके जवरेगौड़ा को उनका एक रुपया खर्च कराए बिना राज्यसभा सदस्य बनाया था लेकिन बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ना पसंद किया। कमल ने कहा कि जवरेगौड़ा सिर्फ एक अलग मामला नहीं है, ऐसी कई मिसाल हैं जिन्हें 'विधायक, एमएलसी और सांसद' बनाया गया है।

हालाँकि पार्टी के नाम में धर्मनिरपेक्ष शब्द जुड़ा है, लेकिन सभी व्यावहारिक उद्देश्यों के लिए जेडीएस पूरी तरह से अपने राजनीतिक अस्तित्व के लिए पुराने मैसूरु (दक्षिण कर्नाटक) क्षेत्र में मुट्ठीभर वोक्कालिगा समुदाय पर निर्भर है। मंड्या जिले के मलवल्ली आरक्षित विधानसभा क्षेत्र में उर्वरक की दुकान के मालिक महेश के अनुसार, जिले के सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों में जेडीएस के विधायक हैं और उनके अलावा सांसद भी हैं। वोक्कालिगा कट्टर जनवादी सेक्युलर प्रशंसक हैं। स्थानीय समस्याओं और व्यक्तियों पर जेडीएस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद हैं, इसलिए भाजपा को 20-25 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है। 

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बदलती राजनीति में देवेगौड़ा परिवार ने पहले कभी इस तरह के हालातों का सामना नहीं किया। आज मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी पिछले तीन दिनों से मंड्या जिले में डेरा डाले हुए हैं। लोक निर्माण विभाग के मंत्री एचडी रेवन्ना भी हासन जिले से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। हासन से एचडी रेवन्ना के बेटे प्रज्जवल रेवन्ना उम्मीदवार हैं। इस सीट पर एचडी देवेगौड़ा पांच बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। मंड्या में जेडीएस उम्मीदवार निखिल कुमार के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार पूर्व सांसद की पत्नी व फिल्म अभिनेत्री सुमलता कड़ी टक्कर दे रही हैं। सुमलता को भाजपा ने समर्थन दे रखा है। 

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