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LAC को लेकर विपक्षी नेताओं के साथ बंद कमरे में होगी बातचीत ! मोदी सरकार ने दिए संकेत

संजीवनी टुडे 16-09-2020 08:07:11

प्रस्ताव के अनुसार, सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहती है।


नई दिल्ली। भारत चीन सीमा तनाव के बारे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख का दौरा कर हमारे जवानों से मुलाकात की। उन्होंने यह संदेश भी दिया था कि वह हमारे वीर जवानों के साथ खड़े हैं। मैंने भी लद्दाख जाकर अपने यूनिट के साथ समय बिताया था और उनका हौसला बढ़ाया था।

इसके इसके अलावा मोदी सरकार ने कुछ विपक्षी नेताओं को संकेत दिए हैं कि भारत-चीन सीमा स्थिति पर एक बंद दरवाजे की बैठक पर विचार किया जा सकता है। हालांकि अभी तक इस तरह की बैठक में पर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। इस बैठक में सरकार LAC पर सैन्य गतिरोध को लेकर विपक्षी दलों को जानकारी दे सकती है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। हालांकि इस बारे में सरकार ने अभी तक सभी विपक्षी दलों से संपर्क नहीं किया है। 

Indo-China border dispute

प्रस्ताव के अनुसार, सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहती है। रक्षा मंत्रालय स्थिति को सामान्य करने के प्रयासों पर बंद कमरे में अलग-अलग दलों के नेताओं को संक्षिप्त विवरण दे सकता है। इस दौरान उनके सवालों का जवाब देने की भी कोशिश की जाएगी।

नाम नहीं लिखने की शर्त पर एक वरिष्ठ गैर एनडीए नेता ने बताया, “एक वरिष्ठ मंत्री ने मुझे यह कहने के लिए बुलाया था कि यदि वे सहमत होते हैं तो सरकार अलग-अलग दलों के नेताओं के लिए एक संक्षिप्त बैठक के बारे में सोच रही है। प्रस्ताव पर अभी निर्णय नहीं हुआ है। इसपर चर्चा की आवश्यक्ता है।”

Indo-China border dispute

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने इस तरह की बैठक की उपयोगिता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा: "यदि समाचार पत्र चर्चा कर सकते हैं, सार्वजनिक चर्चा कर सकते हैं और बाकी सभी लोग चर्चा कर सकते हैं, तो भारतीय संसद ऐसी स्थिति पर चर्चा क्यों नहीं कर सकती है?"

मंगलवार को रक्षा मंत्री ने कहा कि मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि मैंने हमारे वीर जवानों के साहस शौर्य और पराक्रम को महसूस भी किया था। आप जानते हैं कर्नल संतोष ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन मानता है कि ट्रैडिशनल लाइन के बारे में दोनों देशों की अलग-अलग व्याख्या है। दोनों देश 1950-60 के दशक में इस पर बात कर रहे थे लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया।

Indo-China border dispute

उन्होंने कहा कि चीन ने भारत की करीब 38,000 स्क्वायर किलोमीटर की भूमि का अनधिकृत कब्जा लद्दाख में किए हुए हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने चीन को पीओके की 5180 स्क्वायर किलोमीटर की भारतीय जमीन को चीन को सौंप दिया था। यह एक बड़ा मुद्दा है और इसका हल शांतिपूर्ण और बातचीत से निकाला जाना चाहिए। 

उन्होंने आगे कहा कि यह भी बताना चाहता हूं कि अभी तक भारत-चीन के बॉर्डर इलाके में कॉमनली डेलीनिएटिड LAC नहीं है और LAC को लेकर दोनों की धारणा अलग-अलग है। राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देशों को शांति बनाए रखना चाहिए और चीन भी यही चाहता है लेकिन 29-30 अगस्त की रात्रि में फिर से चीन ने पैंगॉन्ग में घुसने का प्रयास किया मगर हमारे जवानों ने उनका प्रयास विफल कर दिया। मैं इस सदन को यह आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं और हमारे जवान मातृभूमि की रक्षा में डटे हुए हैं। 

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