संजीवनी टुडे

लद्दाख में मोबाइल और दूरसंचार सेवाओं का मसला लोकसभा में उठा

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 04-12-2019 16:33:51

सांसद जी टी नामग्याल ने पूरे क्षेत्र में दूरसंचार की स्थिति पर लोकसभा का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि यहां मोबाइल और दूरसंचार सेवा बहुत ही कम है और सर्दियों के मौसम में लोगों को काफी दिक्कतें आ रही है।


नई दिल्ली। लद्दाख से सांसद जी टी नामग्याल ने पूरे क्षेत्र में दूरसंचार की स्थिति पर लोकसभा का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि यहां मोबाइल और दूरसंचार सेवा बहुत ही कम है और सर्दियों के मौसम में लोगों को काफी दिक्कतें आ रही है।

इस समय यहां का तापमान शून्य से नीचे 24 डिग्री सेल्सियस चल रहा है और ऐसे में मरीजों के बारे में कोई भी आपात जानकारी देने में काफी मुश्किलें आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि इस पूरे क्षेत्र में संचालन लागत काफी अधिक होने और कम मुनाफा होने के चलते निजी क्षेत्र की मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियां यहां कोई निवेश नहीं करना चाहती हैं।

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सांसद ने कहा कि केन्द्र सरकार पूरे देश को डिजीटल बनाने के अनेक प्रयास कर रही है लेकिन लद्दाख जैसे क्षेत्रों में इस तरह की सुविधाओं का नहीं होना इस सपने के पूरा होने की राह में काफी बड़ी अड़चन है। 

दूरसंचार सेवाओं के नहीं होने से लोगों को केन्द्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं नरेगा और पेंशन आदि के बारे में जानकारी नहीं मिल पाती हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि वह डिजीटल लद्दाख बनाने की दिशा में भी प्रयास करें।

जालंधर से कांग्रेस सांसद एस एस चौधरी ने कहा है कि नोटबंदी और वस्तु एवं सेवा कर कानून(जीएसटी) से पंजाब राज्य को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है जिसके चलते यहां अनेक उद्योग धंधे बंद हो जाने से श्रमिकों के समक्ष जीवनयापन का संकट पैदा हो गया है।

चौधरी ने बुधवार को लोकसभा में शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि जालंधर में ही 21 हजार औद्योगिक इकाईयां बंद हुई हैं और केन्द्र सरकार जीएसटी के भुगतान में गैर भाजपाई राज्यों के साथ भेदभाव कर रही है। इस समय पंजाब का 4100 करोड़ रूपए की राशि का जीएसटी भुगतान लंबित है।

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उन्होंने केन्द्र सरकार से मांग की कि राज्य के उद्योगों के लिए भारी पैकेज की घोषणा करे ताकि प्रभावित श्रमिकों को जीवनयापन का अवसर दिया जा सके।

भारतीय जनता पार्टी के बस्ती सांसद हरीश द्विवेदी ने जिले और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में आवारा पशुओं की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी वजह से किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और ये पशु उनकी फसलों को निशाना बना रहे हैं। इसके अलावा ये आवारा पशु गली मोहल्ले, सड़कों और राजमार्ग पर खड़े रहते हैं जिसकी वजह से यातायात की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

अहमदाबाद से भाजपा सांसद किरीट बी सोलंकी ने देश के सरकारी प्रबंधन संस्थानों, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों और एनआईटी में संकाय सदस्यों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का पर्याप्त प्रतिनिधित्व का मसला उठाते हुए कहा कि इन वर्गों के लोगों का प्रतिनिधित्च पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि देश भर के बारह प्रबंधन संस्थानों में एक भी एससी, एसटी सदस्य फेकल्टी में नहीं है और आईआईटी तथा एनआईटी में जो फेकल्टी संख्या हैं उसमें एससी, एसटी और ओबीसी की संख्या मात्र छह प्रतिशत है। उन्होंने केन्द्र सरकार से इन वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग की है।

पश्चिम दिल्ली से भाजपा सांसद प्रवेश साहिब वर्मा ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार देते हुए कहा कि यह सरकार सिर्फ खोखले वादे करती है और पांच वर्ष पहले जिन वादों के आधार पर केजरीवाल सरकार सत्ता में आई थी उनमें से एक भी पूरा नहीं किया गया है।

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उन्होंने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इस रिपोर्ट में कहा गया है कि राजधानी में 18 सार्वजनिक उपक्रमों में से 13 में आठ हजार करोड़ रूपए से अधिक का नुकसान हुआ है। वर्मा ने कहा कि इस सरकार ने कोई भी वादा पूरा नहीं किया है और जन लोकपाल , यमुना की सफाई, 500 स्कूल खोले जाने, 20 कालेज बनाए जाने तथा महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक अलग महिला फोर्स बनाने के वादे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। केजरीवाल ने अब चुनावों को नजदीक आते देखकर चार दिन पहले राजधानी में एक खेल विश्वविद्यालय और मंगलवार को एक कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की है।

उत्तर प्रदेश से बदायूं से भाजपा सांसद डा. संघमित्रा मौर्य ने अपने जिले तथा राज्य के अनेक सरकारी स्कूलों में मिड डे मील की गुणवत्ता का मामला उठाते हुए कहा कि इस योजना का मकसद सरकारी स्कूलों के छात्रों को पोषक आहार उपलब्ध कराना था लेकिन जो गैर सरकारी संस्थाएं और एजेंसियां इन स्कूलों में भोजन उपलब्ध करा रही है वे घोर लापरवाही दिखा रही हैं। यही कारण है कि कईं बार खाने में छिपकली, चूहे और कॉकरोच तथा कांच जैसी वस्तुएं मिलती हैं। एक लीटर दूध 84 बच्चों को पिला दिया जाता है। इसे देखते हुए इन गैर जिम्मेदार एजेंसियों की पूरी जांच करने के बाद ही इन्हें टेंडर दिया जाए।

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