संजीवनी टुडे

अपोलो अस्पताल के चेयरमैन का बडा खुलासा, कहा- हमने सुरक्षा कारणों से किया एेसा

संजीवनी टुडे 23-03-2018 10:39:22

नई दिल्ली। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे.जयललिता की मौत को लेकर अभी तक कई लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। गुरुवार को अपोलो अस्पताल (जहां अंतिम समय में जयललिता का इलाज चल रहा था ) के चेयरमैन प्रताप रेड्डी ने अभी तक का सबसे चौकाने वाला खुलासा करते हुए  बताया कि, जिस हिस्से में तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे.जयललिता का इलाज किया जा रहा था उसमें सभी सीसीटीवी कैमरे बंद थे। उस समय दुर्भाग्य से हमने ही सीसीटीवी बंद कर दिए थे क्योंकि हम नहीं चाहते थे कि हर कोई उन्हें दिए जा रहे इलाज को देखे।

सुरक्षा कारणों की वजह से किया एेसा
उन्होने बताया कि, ऐसा हमने सुरक्षा कारणों की वजह से किया। हमने सभी मरीजों को भी दूसरी मंजिल पर स्थानांतरित कर दिया गया था। जब जयललिता को में अस्पताल लाया गया तो उनकी स्थिति गंभीर थी, लेकिन बाद में उनमें सुधार हुआ था। कुछ समय बाद उनकी तबियत बिगड गई थी, अस्पताल में ही कुछ समय बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उन्होंने अंतिम सांसे ली। हमने जयललिता के इलाज से जुड़े सभी दस्तावेजों को उनकी मौत की जांच कर रहे एकल न्यायिक जांच आयोग के पास जमा कर दिया था।

यह बात तब सामने आ रही है जब
जेल में बंद एआईएडीएमके नेता शशिकला ने इस मामले की जांच कर रहे आयोग को पिछले सप्ताह दिये एक शपथ पत्र में कहा कि जब 22 सिंतबर 2016 को जयललिता चेन्नई स्थित अपने घर में वाशरूम में गिर गईं थी तो उन्होंने अस्पताल जाने से इंकार कर दिया था। शशिकला ने यह भी कहा कि जयललिता की अस्पताल में चार बार वीडियोग्राफी करवाई गई थी। पन्नीरसेल्वम और एम थंबी दुरई ने अस्पताल में उनसे मुलाकात की थी। हालांकि इन दोनों नेताओं ने कहा है कि उन्हें अस्पताल में जयललिता से मिलने नहीं दिया गया।

गौरतलब है कि, जयललिता को 22 सितंबर, 2016 बुखार और डिहाइड्रेशन के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 75 दिन के इलाज के बाद जयललकिता ने अंतिम सांस ली थी। 

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