संजीवनी टुडे

त्रिपुरा में कैब को लेकर कंचनपुर और गंदाचेर्रा में तनाव

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 14-12-2019 12:19:32

त्रिपुरा में नागरिकता संशोधन कानून (कैब) के खिलाफ जारी संयुक्त आंदोलन निरंतर संवाद के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने की घोषणा के बाद शांत हो गया है लेकिन उत्तरी त्रिपुरा के कंचनपुर और धलाई जिले के गंदाचेर्रा में अभी भी इस मसलेे को लेकर तनाव व्याप्त है।


अगरतला। त्रिपुरा में नागरिकता संशोधन कानून (कैब) के खिलाफ जारी संयुक्त आंदोलन निरंतर संवाद के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने की घोषणा के बाद शांत हो गया है लेकिन उत्तरी त्रिपुरा के कंचनपुर और धलाई जिले के गंदाचेर्रा में अभी भी इस मसलेे को लेकर तनाव व्याप्त है।

यह खबर भी पढ़ें:​ हैदराबाद गैंगरेप: आरोपियों ने डॉक्टर का रेप और मर्डर करने से पहले किया था ये काम, हुआ बड़ा खुलासा

रिपोर्टों के अनुसार कंचनपुर में तीन दिन पहले ब्रू शरणार्थियों के हमले के बाद 1500 से अधिक गैर-आदिवासी निवासियों ने अपने घरों को छोड़ दिया। कैब विरोधी आंदोलन के समर्थन में ब्रू विस्थापितों पर यह हमला करने का आरोप लगाया गया है। इन परिवारों ने कंचनपुर से ब्रू शरणार्थियों को हटाने की मांग की है और कहा है कि जब तक उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया जाता तब तक वे वापस नहीं लौटेंगे।

पिछले तीन दिनों से कंचनपुर में डेरा डाले हुए उत्तरी त्रिपुरा के पुलिस अधीक्षक भानुपद चक्रवर्ती ने कहा कि स्थिति में सुधार हुआ है और प्रशासन सामान्य स्थिति एवं शांति बहाल करने के लिए परिवारों के साथ लगातार बैठकें कर रहा है। उन्होंने कहा कि कंचनपुर में पिछले दो दिनों में हिंसा की कोई ताजा घटना नहीं हुई है और प्रशासन ने सभी एहतियाती उपाय किए हैं।

यह खबर भी पढ़ें:​ पति ने ट्रेन के आगे कूदकर जान गवाई तो बौखलाई पत्नी ने घर पहुंचकर बेटी संग उठाया ये खौफनाक कदम...

लखीपुर क्षेत्र के 209 गैर-आदिवासी परिवारों ने उच्च माध्यमिक विद्यालय में शरण ली और अन्य 39 परिवारों ने पूर्वी लखीपुर में एसपीओ शिविरों में शरण ली है जबकि 45 परिवार कंचनपुर में एक जूनियर बेसिक स्कूल में शरण लिए हुए हैं। दूसरी ओर, 56 ब्रू परिवारों ने ओरिचारा के एक स्कूल में और अन्य 10 परिवारों ने रामचरण हाई स्कूल में शरण ले रखी है।

इन क्षेत्रों में उत्तेजित लोगों ने सभी दुकानों और बाजारों को बंद कर दिया है और तब तक नहीं खोलने का फैसला किया है जब तक सरकार हिंसा और हमले में उनके नुकसान की भरपाई एवं पूरी सुरक्षा प्रदान नहीं करती, ब्रू शिविरों को नष्ट नहीं करती और उन्हें मिज़ोरम में वापस नहीं भेजती।

ऐसी ही ताजा खबरों व अपडेट के लिए डाउनलोड करे संजीवनी टुडे एप

More From national

Trending Now
Recommended