संजीवनी टुडे

टेट शिक्षकों के 'दिसपुर चलो' आंदोलन में राज्यभर के शिक्षकों ने लिया हिस्सा

संजीवनी टुडे 29-06-2019 18:02:59

असम सरकार के साथ बैठक बिना किसी निर्णय के समाप्त होने के बाद टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (टेट) उत्तीर्ण संविदा शिक्षकों ने शनिवार सुबह से ही अपनी मांगों के समर्थन में दिसपुर चलो आंदोलन शुरू कर दिया।


गुवाहाटी। असम सरकार के साथ बैठक बिना किसी निर्णय के समाप्त होने के बाद टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (टेट) उत्तीर्ण संविदा शिक्षकों ने शनिवार सुबह से ही अपनी मांगों के समर्थन में “दिसपुर चलो” आंदोलन शुरू कर दिया। इसमें राज्यभर के शिक्षकों ने हिस्सा लिया।आंदोलनकारियों ने कहा कि उन्हें संविदा के तहत नौकरी पर रखा गया है, जो उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। 

सरकार ने टेट शिक्षकों की नौकरी को नियमित करने का आश्वासन दिया था। बावजूद अभी तक इस संबंध में सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है।राजधानी के खानापाड़ा पशु चिकित्सा खेल मैदान में ठेके पर काम करने वाले टेट उत्तीर्ण भारी संख्या में शिक्षकों का जमावड़ा शनिवार की सुबह हुआ। जहां से वे मार्च करते हुए दिसपुर स्थित असम सचिवालय की ओर आगे बढ़े। आंदोलन को देखते हुए बड़े पैमाने पर सुरक्षाबलों को किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए तैनात किया गया आंदोलनकारियों को सुरक्षाकर्मियों ने बीच रास्ते में ही रोक लिया। इससे नाराज आंदोलनकारियों ने सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। उनकी मांग है कि बिना शर्त नौकरी को स्थायी किया जाए।उल्लेखनीय है कि इस संबंध में गत गुरुवार को राज्य के शिक्षा मंत्री सिद्धार्थ भट्टाचार्य के साथ टेट उत्तीर्ण ठेका शिक्षक संगठन के प्रतिनिधियों ने एक बैठक की थी। बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने चर्चा को बेहद सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक बताया था। जबकि संगठन के प्रतिनिधियों ने इस संबंध में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया था।आंदोलनकारियों ने शनिवार को कहा कि शिक्षामंत्री के साथ हुई बैठक बेनतीजा थी, जिसके चलते उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में शनिवार को अपना आंदोलन चलाया।

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उल्लेखनीय है कि टेट उत्तीर्ण संविदा शिक्षक संगठन के प्रतिनिधियों की शिक्षामंत्री के साथ बैठक के बाद संगठन में दो फाड़ हो गया। एक धड़ा जहां सरकार के साथ खड़ा नजर आ रहा है, वहीं दूसरा धड़ा सरकार के खिलाफ नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार दिसपुर चलो आंदोलन में अनुसूचित जाति/जनजाति टेट उत्तीर्ण शिक्षक संस्था और स्टेट पूल टेट शिक्षक संगठन के प्रतिनिधियों ने हिस्सा नहीं लिया है। सूत्रों ने बताया कि 11,000 स्टेट पूल टेट शिक्षकों में से 6,500 टेट शिक्षक प्राथमिक टेट उत्तीर्ण शिक्षक हैं, जिनकी आंदोलन के साथ शामिल होने की बात कही गई है। संगठन में दो फाड़ होने के बावजूद स्टेट पूल टेट शिक्षकों में से धुबड़ी जिला समिति, बिश्वनाथ जिला समिति समेत अन्य कई जिला समितियों के सदस्यों ने आंदोलन में हिस्सा लिया। फिलहाल आंदोलन के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने की जानकारी मिली है।

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