संजीवनी टुडे

तमिलनाडु: महज 1,000 रुपए वसूलने के लिए बुजुर्ग को बनाया बंधुआ मजदूर, प्रशासन ने 16 बच्चों समेत 42 लोगों को बचाया

संजीवनी टुडे 11-07-2019 12:28:10

तमिलनाडु के वेल्लोर और कांचीपुरम जिले में राजस्व विभाग के अधिकारियों ने 16 बच्चों सहित 13 परिवारों के 42 सदस्यों को बंधुआ मजदूरी की कैद से छुटकारा दिलवाया। पिछले पांच वर्षो से ये लोग दोनों जिलों के अलग-अलग क्षेत्रों में लकड़ी के कारखानों में काम कर रहे थे।


नई दिल्ली। तमिलनाडु के वेल्लोर और कांचीपुरम जिले में राजस्व विभाग के अधिकारियों ने 16 बच्चों सहित 13 परिवारों के 42 सदस्यों को बंधुआ मजदूरी की कैद से छुटकारा दिलवाया। पिछले पांच वर्षो से ये लोग दोनों जिलों के अलग-अलग क्षेत्रों में लकड़ी के कारखानों में काम कर रहे थे।

टीओआई में छपी एक खबर के अनुसार कांचीपुरम के ओलुंगावाड़ी के नटराज और उनके रिश्तेदारों ने इन लोगों को बंधुआ मजदूरी करने के लिए मजबूर किया था। इन मजदूरों का कहीं भी आना-जाना प्रतिबंधित था। छोटे बच्चों को स्कूल जाने की भी अनुमति नहीं थी। एक खुफिया जानकारी के बाद कांचीपुरम के सब कलेक्‍टर ए सर्वनन और रानीपेट के सब कलेक्टर इलमभवथ ने एक ही समय पर दोनों ठिकानों पर छापेमारी की और इन लोगों को बंधुरा मजदूरी के जुल्म से आजाद कराया। 

बचाव अभियान से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि चूंकि पीड़ितों को बंधक बनाकर उनसे मजदूरी कराने वाले उनके करीबी रिश्तेदार थे इसलिए अधिकारियों ने खुफिया सूचना के लीक होने से बचने के लिए अपने-अपने क्षेत्र में सुबह 9:30 एक बचाव अभियान चलाया।

बचाए गए बंधुआ मजदूरों के असोसिएशन के गोपी ने बताया कि राजस्व अधिकारियों को देखकर 60 साल बुजुर्ग काशी उनके पैरों में गिर गए और खुद को रिहा कराने की भीख मांगने लगे। गोपी ने ही बंधुआ मजदूरी से जुड़ी खुफिया जानकारी अधिकारियों को दी थी। बुजुर्ग एक दशक से अधिक समय से ओलुंगवाड़ी के नटराज के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने नटराज से 1,000 रुपए एडवांस में लिए थे।

प्लीज सब्सक्राइब यूट्यूब बटन

 

रानीपेट के सब कलेक्‍टर इलंभवथ की अगुआई वाली टीम ने 14 लोगों को छुड़ाया था। इनमें छह बच्चे भी शामिल थे। ये लोग वेल्लोर जिले के नेमिली तालुका के परुवामेदु गांव में लकड़ी के कारखाने में काम कर रहे थे। शुरुआत जांच में पता चला कि इन लोगों ने 9 से 25 हजार रुपए तक का उधार लिया था। इस उधार को चुकाने की कोशिश में ही ये लोग पिछले कई वर्षों से बंधुआ मजदूरी के जाल में फंसे थे।

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 4300/- गज, अजमेर रोड (NH-8) जयपुर में 7230012256

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

More From national

Trending Now
Recommended