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सुप्रीम कोर्ट का बांबे हाईकोर्ट से आग्रह- वरवरा राव को सेहत के आधार पर रिहा करने की याचिका पर करे विचार

संजीवनी टुडे 29-10-2020 22:32:57

सुप्रीम कोर्ट ने बांबे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से आग्रह किया है कि वो भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ्तार वरवरा राव को स्वास्थ्य आधार पर रिहा करने संबंधी याचिका पर जल्द विचार करें।


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बांबे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से आग्रह किया है कि वो भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ्तार वरवरा राव को स्वास्थ्य आधार पर रिहा करने संबंधी याचिका पर जल्द विचार करें। चीफ जस्टिस एसए बोब्डे की अध्यक्षता वाली बेंच ने वरवरा राव की पत्नी पेंडाया हेमलता की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश जारी किया।

याचिका में कहा गया था कि वरवरा राव की लगातार हिरासत में रखना संविधान की धारा 21 के अधिकारों का उल्लंघन है। हेमलता की ओर से वकील सुनील फर्नांडीस ने वरवरा राव को तलोजा सेंट्रल जेल, महाराष्ट्र से तुरंत रिहाई की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि वरवरा राव की स्वास्थ्य स्थिति काफी चिंताजनक है और उन्हें कई बीमारियां हैं। इन बीमारियों की वजह से उन्हें कोरोना के संक्रमण का खतरा भी ज्यादा है। याचिका में कहा गया था कि इस मामले के सह-अभियुक्त वर्नोन गोंजाल्वेस ने पिछले 9 सितम्बर को जेल से पत्र लिखकर बताया था कि वरवरा राव की हालत काफी असामान्य है। उनका वजन घटकर करीब 50 किलो रह गया है।

याचिका में एनआईए एक्ट की धारा 21(2) का हवाला देते हुए कहा गया था कि अपील स्वीकार किए जाने के तीन महीने के अंदर उसका निस्तारण किया जाना चाहिए। याचिका में कहा गया था कि इस मामले का ट्रायल शुरू होने की अभी संभावना कम है और अभी तक आरोप भी तय नहीं किए गए हैं। स्वास्थ्य आधार पर एनआईए एक्ट या यूएपीए एक्ट के तहत जमानत देने में कोई बाधा नहीं है।

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