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सुप्रीम कोर्ट: SC-ST अत्याचार निरोधक कानून, मुकदमा चलाने से पहले नियोक्‍ता की पूर्व स्‍वीकृति जरूरी

संजीवनी टुडे 20-03-2018 22:00:27

नई दिल्ली। उच्‍चतम न्‍यायालय ने कहा- अनुसूचित जाति, जनजाति अत्‍याचार निरोधक कानून के अंतर्गत लोकसेवकों के खिलाफ मामलों में अग्रिम जमानत देने पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं। मुकदमा चलाने से पहले नियोक्‍ता की पूर्व स्‍वीकृति प्राप्‍त करना जरूरी।

न्‍यायालय ने कहा कि कानून के दुरूपयोग को रोकने के लिए सुरक्षात्‍मक उपाय शामिल किये गए हैं। शीर्ष न्‍यायालय ने कहा कि अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने से पहले नियोक्‍ता की पूर्व स्‍वीकृति प्राप्‍त करना जरूरी है।

उच्‍चतम न्‍यायालय ने एक महत्‍वपूर्ण फैसले में कहा है कि अनुसूचित जाति, जनजाति अत्‍याचार निरोधक कानून 1989 के अंतर्गत लोकसेवकों के खिलाफ मामलों में अग्रिम जमानत देने के बारे में कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं है। 

एस एस सी की संयुक्‍त स्‍नातक स्‍तर की 17 और 21 फरवरी के बीच हुई परीक्षा का प्रश्‍न पत्र लीक हो गया था। 21 फरवरी को पेपर लीक के आरोप लगने के बाद आयोग ने तकनीकी मुद्दों का हवाला देते हुए परीक्षा रद्द कर दी थी।

केन्‍द्र सरकार ने उच्‍चतम न्‍यायालय को बताया है कि केन्‍द्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरो-सी बी आई ने कर्मचारी चयन आयोग- एस एस सी का पेपर लीक होने की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। न्‍यायालय ने केन्‍द्र का जवाब सुनने के बाद इस मामले में सी बी आई जांच की मांग संबंधी जनहित याचिका का निपटारा कर दिया।

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