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CAA पर SC ने केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस, जवाब देने के लिए 4 हफ्ते का दिया समय

संजीवनी टुडे 22-01-2020 11:50:46

नागरिकात संशोधन कानून (सीएए) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सीएए की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया, साथ ही इस मामले को संवैधानिक पीठ के हवाले कर दिया है।


नई दिल्ली। नागरिकात संशोधन कानून (सीएए) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सीएए की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया, साथ ही इस मामले को संवैधानिक पीठ के हवाले कर दिया है। 144 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए 4 हफ्ते का वक्त दिया है। सर्वोच्च अदालत ने सुनवाई करते हुए असम, पूर्वोत्तर, उत्तर प्रदेश से जुड़ी याचिकाओं के लिए अलग कैटेगरी बनाई है।

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सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने कोर्ट से अपील की है कि तीन महीने के लिए प्रक्रिया को टाली जाए। कोर्ट में बहस के दौरान कपिल सिब्बल ने कहा कि कई राज्यों में प्रकिया शुरू हो गई है। सिब्बल ने कहा कि ऐसे में सीएए प्रक्रिया पर तीन महीने के लिए रोक लगे।

सीएए पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस बोबडे ने कहा है कि हम अभी कोई भी आदेश जारी नहीं कर सकते हैं। अभी कई याचिकाओं को सुनना बाकी है। उन्होंने कहा कि सभी याचिकाओं को सुनना जरूरी है। वहीं, अटॉर्नी जनरल ने अपील की है कि कोर्ट को यह आदेश जारी करना चाहिए कि अब कोई नई याचिका दायर नहीं होनी चाहिए।

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सीएए पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में वकील वैद्यनाथन ने कहा है कि बाहर मुसलमानों और हिंदुओं में ऐसा डर है कि एनपीआर की प्रक्रिया होती है तो उनकी नागरिकता पर सवाल होगा। फिलहाल एनपीआर को लेकर कोई साफ-साफ गाइडलाइंस नहीं हैं।

सुप्रीम कोर्ट में सीएए पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने वकीलों से असम और पूर्वोत्तर से दाखिल याचिकाओं पर आंकड़ा मांगा है। कोर्ट का कहना है कि असम का मामला अलग भी किया जा सकता है। अलग सुनवाई भी की जा सकती है। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि वह असम के मामले में कब तक जवाब देगी?

सुप्रीम कोर्ट में सीएए को चुनौती देने वाली याचिकाओं को अलग-अलग कैटेगरी में बांट दिया है। इसके तहत असम, नॉर्थईस्ट के मसले पर अलग सुनवाई की जाएगी। वहीं, उत्तर प्रदेश में जो सीएए की प्रक्रिया शुरू की गई है, उसे लेकर भी अलग से सुनवाई होगी। कोर्ट ने सभी याचिकाओं की लिस्ट जोन के हिसाब से मांगी है, जो भी बाकी याचिकाएं हैं, उनपर केंद्र को नोटिस जारी किया जाएगा।

सीएए पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की मोदी सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने केंद्र को जवाब देने के लिए चार हफ्ते का वक्त दिया है। 140 से ज्यादा याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई हैं, जिसमें सीएए की वैधता को चुनौती दी गई है।

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