संजीवनी टुडे

हिंदू महिला से शादी करने वाले मुस्लिम शख्स को सुप्रीम कोर्ट की हिदायत, कहा, वफादार के साथ 'महान प्रेमी' भी बनो

संजीवनी टुडे 12-09-2019 15:03:35

छत्तीसगढ़ में इब्राहिम सिद्दीक़ी नाम के एक मुस्लिम युवक ने हिंदू लड़की अंजलि से शादी कर ली।


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को छत्तीसगढ़ से एक अंतर-धार्मिक विवाह का एक विवादित मामला सुनवाई के लिए आया। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने पति को हिदायत देते हुए कहा कि आप सिर्फ एक अच्छे प्रेमी ही नहीं, एक वफादार पति भी बनें।

यह खबर भी पढ़े: B' day spl: सीरियल 'कसम से' घर-घर में बनाई पहचान, सर्वश्रेष्ठ डेब्यू के लिए मिल चुका हैं फिल्म फेयर अवार्ड

दरअसल, छत्तीसगढ़ में इब्राहिम सिद्दीक़ी नाम के एक मुस्लिम युवक ने हिंदू लड़की अंजलि से शादी कर ली। इसके लिए वो अपना धर्म बदलकर मुस्लिम से हिंदू बन गया। जिसके बाद आर्य समाज मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी हुई। लड़के ने अपना नाम बदल लिया। 

पिछले साल लड़की के पिता ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि उसकी लड़की गायब है और उसे हाज़िर किया जाए। कोर्ट में लड़की ने बयान दिया कि वो अपने मां-बाप के साथ रहना चाहती है। इस पर हाईकोर्ट ने लड़की को उसके मां-बाप को सौंप दिया। हाईकोर्ट के फैसले के बाद पति ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट में भी लड़की ने मां-बाप के साथ रहने की बात कही। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर अपनी मुहर लगा दी। 

इसके बाद इस साल फिर पति ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि उसने अंजलि से शादी की है और वो उसे वापस चाहता है। इस बार अंजलि ने हाईकोर्ट में अपने बयान में कहा कि वो अपने पति के साथ रहना चाहती है। इस पर हाईकोर्ट ने आदेश देते हुए अंजलि को इब्राहिम के साथ भेज दिया। 

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अंजलि के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि ये धर्मांतरण का मामला है। इब्राहिम फिर से मुसलमान हो गया है। इसलिए उन्हें उनकी बेटी वापस की जाए। इस पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की और इब्राहिम को इस बाबत हलफनामा देने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने शादी के बाद से क्या किया है. अगर वो हिंदू बन गया है तो क्या उसने अपना नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू की है। 

यह खबर भी पढ़े: आज वैश्विक टीकाकरण सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे अश्विनी कुमार चौबे

जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा, 'कोर्ट अंतर धार्मिक शादी के विरोध में नहीं है। लेकिन वो चाहता है कि महिला का भविष्य सुरक्षित हो। कई बार ऐसी शादियां गलत मकसद से की जाती हैं और महिला पीड़ित बनकर रह जाती है। अब इस मामले की सुनवाई अगले महीने होगी। 

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166

More From national

Trending Now
Recommended