संजीवनी टुडे

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की नदियों का पानी सूखाग्रस्त क्षेत्रों की तरफ मोड़ने का सुझाव

संजीवनी टुडे 18-10-2020 02:01:00

इसका उद्देश्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की नदियों का पानी राज्य के सूखाग्रस्त क्षेत्रों की तरफ मोड़ना है।


नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र में बाढ़ के संकट से निपटने के स्थायी समाधान के लिए राष्ट्रीय विद्युतीकरण ग्रिड और राजमार्ग ग्रिड की तर्ज पर राज्य में जल ग्रिड की महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू करने का सुझाव दिया है। इसका उद्देश्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की नदियों का पानी राज्य के सूखाग्रस्त क्षेत्रों की तरफ मोड़ना है।

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर ग्रिड के निर्माण के लिए महाराष्ट्र सरकार से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का अनुरोध किया है। गडकरी का मानना है कि यह प्रयास सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सरकार के लिए मददगार सिद्ध होगा। साथ ही बाढ़ के संकट से निपटने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले संसाधन की बचत होगी।

गडकरी ने 14 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ठाकरे और उनके कैबिनेट सहयोगियों तथा संसद सदस्य शरद पवार को लिखे पत्र में इस मामले पर जल्द निर्णय लेने के लिए राज्य सरकार से अनुरोध किया है ताकि इस पर क्रियान्वयन यथाशीघ्र शुरू हो सके।

केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का ध्यान महाराष्ट्र में प्रतिवर्ष बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में बड़े पैमाने पर जान और माल के नुकसान जैसे गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित किया है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि विभिन्न अध्ययन यह दर्शाते हैं कि जिन भागों में 55 प्रतिशत से ज्यादा क्षेत्र सिंचाई के दायरे में आते हैं वहां आत्महत्या के मामलों में कमी आई है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी होगी और ग्रामीण तथा राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अतिरिक्त जल का प्रवाह मोड़ने से स्थानीय संसाधनों पर दबाव कम होगा। इससे नजदीक भविष्य में नदियों के रास्ते जल परिवहन का विकल्प विकसित किया जा सकता है जो यात्रियों और वस्तुओं के आवागमन का वैकल्पिक मार्ग हो सकेगा। उन्होंने लिखा कि अगर ऐसी परियोजनाओं को प्राथमिकता के तौर पर विकसित किया जाता है तो मछली पालन के साथ-साथ अन्य व्यवसाय विकसित हो सकते हैं और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित हो सकते हैं।

गडकरी ने कहा कि उनका मंत्रालय राजमार्गों के निर्माण के लिए जलाशयों, नालों और नदियों से मिट्टी व रेत निकाल कर जल संरक्षण को भी सुनिश्चित कर रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और जल संरक्षण के बीच यह तालमेल न सिर्फ जल भंडारण क्षमता को बढ़ाएगा बल्कि इससे पर्यावरण की भी सुरक्षा होगी।

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