संजीवनी टुडे

संस्कृत संस्थान कम से कम दो गांवों को संस्कृत भाषी बनाने का लक्ष्य लें : निशंक

संजीवनी टुडे 13-06-2019 17:44:15

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने समीक्षा बैठकों के क्रम को आगे बढ़ाते हुए गुरुवार को मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय भाषायी संस्थानों के प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक की


नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने समीक्षा बैठकों के क्रम को आगे बढ़ाते हुए गुरुवार को मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय भाषायी संस्थानों के प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने संस्कृत,  हिंदी,  उर्दू,  सिन्धी,  तमिल सहित भारतीय भाषाओं के लिए समर्पित संस्थानों को अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया। इस अवसर पर मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री संजय धोत्रे भी मौजूद रहे। 

डॉ निशंक ने कहा कि भारतीय भाषाओं को सशक्त करना हमारा लक्ष्य है। इसके लिए रिक्त पदों को शीघ्रातिशीघ्र भरना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि मंत्रालय के अधिकारियों के साथ केंद्रीय भाषायी संस्थानों के प्रमुखों की लगातार समीक्षा बैठक होती रहनी चाहिए, जिससे भारतीय भाषाओं के विकास को लगातार गति मिल सके।

???

केन्द्रीय मंत्री निशंक ने कहा कि संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक प्रशिक्षित संस्कृत अध्यापकों की संख्या बढ़ाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए, ताकि संस्कृत भाषा को नया आयाम मिल सके। इसके माध्यम से हम दुनिया तक संस्कृत को पहुंचा सकते हैं। संस्कृत पर विशेष बल देते हुए उन्होंने कहा कि संस्कृत संस्थानों को अपने आसपास कम से कम दो गांवों को संस्कृत भाषी बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए। भारतीय भाषाओं के विकास के बारे में नए तरीके से सोचने की आवश्यकता है। नए शोध की जरूरत है। साथ ही इन्हें वैज्ञानिक दृष्टि प्रदान किए जाने की भी आवश्यकता है, जिससे ये भाषाएं राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जगत में अपनी पहचान बना सकें।

डॉ. निशंक ने कहा कि भारतीय भाषाओं के सहित्य को एक दूसरी भाषा में अनुवाद होना चाहिए, ताकि सभी को श्रेष्ठ साहित्य उपलब्ध हो सकेगा और राज्यों में आपसी तालमेल स्थापित होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि हिंदी प्रचारिणी सभाओं और स्थानीय भाषाओं के बीच में बेहतर समन्वय से सभी भारतीय भाषाओं का विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। डॉ निशंक ने आने वाले वर्षों में एक भाषा भवन के निर्माण का लक्ष्य रखा, जिसमे सभी भारतीय भाषाओं को संवर्धित करने वाले विभागों को एक साथ लाया जाएगा और उसके माध्यम से सभी भारतीय भाषाओं में बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।

मात्र 260000/- में टोंक रोड जयपुर में प्लॉट 9314166166

More From national

Trending Now
Recommended