संजीवनी टुडे

संघ राष्ट्रीय है 'राष्ट्रवादी' नहीं: मनमोहन वैद्य

संजीवनी टुडे 15-02-2020 14:58:18

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने कहा है कि राष्ट्रीय और राष्ट्रवादी इन दोनोंं शब्दोंं में अंतर है।


नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने कहा है कि राष्ट्रीय और राष्ट्रवादी इन दोनोंं शब्दोंं में अंतर है। राष्ट्रवादी शब्द पश्चिमी अवधारणा से निर्मित हुआ है। 

झील फाउंंडेशन और वेस्टर्न कोल फील्ड की साझेदारी में नागपुर के सोहम कॉम्प्लेक्स में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में वैद्य ने कहा कि संघ राष्ट्रीय है इसे राष्ट्रवादी नहींं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक को राष्ट्रवादी कहते हैंं। हम भी खुद को राष्ट्रवादी कहते हैंं, वहींं हमारे कुछ लोक हिन्दू राष्ट्रवाद शब्द का प्रयोग जोर-शोर से करते हैंं। 

वैद्य ने बताया कि यह हमारा शब्द है ही नहींं, हमारे यहां राष्ट्रवाद पहले भी नहींं था और वर्तमान में भी नहींं है। यह शब्द पश्चिम से आया है। पश्चिमी जगत में स्टेट नेशन की संकल्पना रही है, वहां के नेशनलिज्म ने लोगोंं पर अत्याचार किये। सत्ता विस्तार के लिए युद्ध किये। भारत की राष्ट्र को लेकर अवधारणा सांस्कृतिक है। ये जीवन दृष्टि पर आधारित है। यह राज्य पर कभी भी आधारित नहींं थी। हम राष्ट्र, राष्ट्रीय, राष्ट्रीयता, राष्ट्रत्व इन शब्दों से अपनी बात कह सकते है, फिर हम पश्चिमी देशों द्वारा थोपा गया राष्ट्रवादी शब्द क्यों इस्तेमाल करते हैंं। वैद्य ने कहा कि हम राष्ट्रीय हैंं, इतना ही पर्याप्त है, हमको राष्ट्रवादी बनने की जरूरत नहींं है।  

बडे़ पैमाने पर प्रचलित हो रहे कट्टर शब्द को लेकर सहसरकार्यवाह ने बताया कि कट्टर शब्द की निर्मिति अंग्रेजी भाषा के फंडामेंटलिज्म शब्द से हुई है। हमारे यहांं कई लोग कहते हैंं कि वह कट्टर हिंदू हैंं। वैद्य ने कहा कि हिंदू कभी कट्टर नहीं हो सकता और यदि कोई कट्टर है तो वह हिंदू नहींं हो सकता।

वैद्य ने कहा कि हिंदू असर्टिव हो सकता है, एग्रेसिव हो सकता है, एक्टिव या एंग्री हो सकता है लेकिन कट्टर नहींं हो सकता। कई स्वयंंसेवक भी खुद को कट्टर कहते हैंं लेकिन यह गलत है। स्वयंंसेवक निष्ठावान, समर्पित या सक्रिय हो सकता है लेकिन वह कट्टर नहींं हो सकते। वैद्य ने बताया कि पश्चिमी जगत से आए शब्दोंं की अवधारणाएंं अलग होती हैंं इसलिए हमेंं पश्चिम द्वारा थोपे गए शब्दोंं के इस्तेमाल से बचना चाहिए। 

विचारधारा शब्द की जानकारी साझा करते हुए वैद्य ने बताया कि आइडिओलॉजी शब्द से हिन्दी भाषा में विचारधारा शब्द बना है। यह शब्द कम्युनिज्म से आया है। आइडिओलॉजी में दूसरोंं को अलग रखने का विचार अंतर्निहीत है। वैद्य ने कहा कि कम्युनिस्ट खुद को लेफ्ट मानते हुए जो उनकी तरह सोच नहींं रखता उसे राइटिस्ट कहते हैंं। वैद्य ने आह्वान किया कि शब्दोंं का प्रयोग करने से पहले उनके पीछे की अवधारणाओंं को समझना जरूरी है।

यह खबर भी पढ़ें:​ LOVE AAJ KAL: कार्तिक-सारा के बीच इंटिमेट और किसिंग सीन्स पर चली सेंसर बोर्ड की कैंची

यह खबर भी पढ़ें:​ इस मॉडल का प्लस साइज फिगर देख बूढ़े भी हो जायेंगे जवान, देखें PICS

यह खबर भी पढ़ें:​ उर्वशी रौतेला का यह वीडियो जमकर हो रहा वायरल, ट्रोलर्स बोले- क्या फूंका है बहन?

जयपुर में प्लॉट मात्र 289/- प्रति sq. Feet में  बुक करें 9314166166

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

More From national

Trending Now
Recommended