संजीवनी टुडे

राजीव कुमार से बुधवार को भी होगी पूछताछ, चौथे दिन 11 घंटे तक हुए सवाल-जवाब

संजीवनी टुडे 12-02-2019 22:23:32


कोलकाता। अरबों रुपये के चिटफंड घोटाला मामले में शिलांग के सीबीआई दफ्तर में लगातार चार दिनों से चल रही पूछताछ का सिलसिला पांचवें दिन भी जारी रहेगा। चिटफंड घोटाला मामले में साक्ष्यों को मिटाने के आरोपित कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से मंगलवार को चौथे दिन भी 11 घंटे पूछताछ हुई है। इसके साथ ही पांचवें दिन यानि बुधवार को एक बार फिर कोलकाता पुलिस आयुक्त को पूछताछ के लिए शिलांग के सीबीआई दफ्तर में हाजिर रहने को कहा गया है।

मंगलवार की सुबह 10:45 बजे के करीब राजीव कुमार सीबीआई दफ्तर पहुंचे थे। दो चरणों में उनसे रात 9:45 बजे तक पूछताछ की गई। उसके बाद उन्हें बुधवार को एक बार फिर पूछताछ के लिए आने को कहकर सीबीआई अधिकारियों ने उस होटल में जाने की अनुमति दी, जहां वह ठहरे हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार गत नौ फरवरी से ही उनसे लगातार पूछताछ चल रही हैै। पहले दिन उनसे अकेले पूछताछ की गई थी। दूसरे दिन यानी 10 और तीसरे दिन यानि 11 फरवरी को उन्हें तृणमूल के निलंबित राज्यसभा सांसद कुणाल घोष के साथ बैठाकर पूछताछ की गई थी। घोष वह शख्स हैं जिन्हें वर्ष 2013 में उस विशेष जांच दल (‍एसआईटी) ने गिरफ्तार किया था, जिसका गठन चिटफंड मामलों की जांच के लिए किया गया था और राजीव कुमार उसके मुखिया थे। उसके बाद चौथे दिन यानी 12 फरवरी मंगलवार को राजीव कुमार से अकेले पूछताछ की गई है। हालांकि सुबह 10:15 बजे राजीव कुमार के शिलांग सीबीआई दफ्तर में पहुंचने से पहले टोपी पहना हुआ एक रहस्यमय शख्स सीबीआई दफ्तर में पहुंचा था। अधिकारियों ने उसे मीडिया के कैमरे से बचाते हुए सीबीआई दफ्तर में पहुंचाया था, जिसे लेकर रहस्य गहरा गया है। वह शख्स कौन था, सीबीआई ने उसकी पहचान क्यों उजागर नहीं की और राजीव कुमार से पूछताछ में उसकी क्या भूमिका रही है, इस बारे में कई सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। 

लाख कोशिशों के बावजूद सीबीआई के अधिकारी उस शख्स का परिचय बताने के लिए तैयार नहीं हुए हैं। इस बीच मंगलवार की रात करीब 10:45 बजे चौथे दिन की पूछताछ पूरी होने के बाद राजीव कुमार को बुधवार यानी पांचवें दिन भी जांच एजेंसी के सवालों का जवाब देने के लिए मौजूद रहने को कहा गया है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि राजीव कुमार ने 11 फरवरी को ही जांच एजेंसी से अनुरोध किया था कि उन्हें 12 फरवरी से पहले कोलकाता लौटने की अनुमति दी जाए, क्योंकि माध्यमिक की परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी और कोलकाता में सुरक्षा की जिम्मेदारियां उनकी है।

हालांकि सीबीआई अधिकारियों ने उनके आवेदन को तवज्जो नहीं दी थी। उन्हें यह कहकर टाल दिया गया था कि अगर कोलकाता में सुरक्षा इतनी ही महत्वपूर्ण और आपके बिना अधर में है तो आपने अपने साथ दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को क्यों लाया? ये वहां रहते तो कुछ हालात को संभाल सकते थे। इस पर राजीव कुमार के पास संतोषजनक जवाब नहीं था। 

इधर मंगलवार को पूछताछ पूरी होने के बाद सीबीआई सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि चार दिनों तक हुई लगातार पूछताछ के बावजूद राजीव कुमार सीबीआई जांच में बहुत अच्छी तरीके से सहयोग नहीं कर रहे हैं और ना ही अधिकतर सवालों का जवाब दे रहे हैं। वह उन सभी सवालों को टाल दे रहे हैं जिसमें चिटफंड घोटाले से जुड़े उन साक्ष्यों को मिटाने या साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप है।

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बताया गया है कि जिन साक्ष्यों को मिटाया गया, उनके उजागर होने पर सत्तारूढ़ तृणमूल के कई बड़े नेता और मंत्री इस घोटाले में फंस सकते थे। उन तमाम सवालों को राजीव कुमार पेशेवर तरीके से टालते जा रहे हैं। ऐसे में चार दिनों की पूछताछ के बावजूद सीबीआई की टीम संतुष्ट नहीं है। बताया गया है कि जब तक राजीव कुमार जांच अधिकारियों के सवालों का पुख्ता जवाब नहीं देंगे, तब तक उनसे पूछताछ चलती रहेगी।

 इधर कुमार के साथ आमने-सामने बैठकर पूछताछ की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद मंगलवार शाम कुणाल घोष कोलकाता लौट आए हैं। यहां पहुंचते ही उन्होंने राजीव कुमार पर बड़ा आरोप लगाया है।

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कुणाल घोष ने दावा किया है कि राजीव कुमार सीबीआई पूछताछ के बीच भी कई प्रभावशाली लोगों और मामले की प्राथमिक जांच में शामिल पुलिस अधिकारियों को फोन कर सतर्क कर रहे हैं। यानी सीबीआई पूछताछ के बीच भी राजीव कुमार जांच को प्रभावित करने की लगातार कोशिश में जुटे हुए हैं।

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