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राहुल ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, कहा-विपदा की घड़ी में कांग्रेस पार्टी उनके साथ

संजीवनी टुडे 30-03-2020 04:13:00

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोरोना वायरस के खिलाफ केंद्र सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखा है।


नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोरोना वायरस के खिलाफ केंद्र  सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से राहुल ने कोविड-19 पर सरकार को कुछ सुझाव दिए है तथा इस बंदी के खतरनाक परिणाम को लेकर आगाह भी किया है।

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि कांग्रेस पार्टी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए और उससे उपजी चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि तेजी से फैलते हुए कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया के देशों को त्वरित कदम उठाने के लिए मजबूर किया। फिलहाल भारत तीन हफ्तों के लॉकडाउन के दौर से गुजर रहा है, हालांकि इसे सरकार और बढ़ा सकती है।

राहुल गांधी ने लिखा है, ‘हमारे लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि भारत की परिस्थितियां कुछ अलग हैं। हमें पूर्ण लॉकडाउन रणनीति का पालन करने वाले अन्य बड़े देशों की तुलना में अलग-अलग कदम उठाने होंगे। भारत में वैसे गरीब लोगों की संख्या काफी अधिक है जो दैनिक आय पर निर्भर हैं। ऐसा देखते हुए हमारे लिए सभी आर्थिक गतिविधियों को एकतरफा बंद करना बहुत बड़ी चुनौती है। इस पूर्ण आर्थिक बंद के कारण कोविड-19 वायरस से होने वाली मौतों की संख्या और भी बढ़ जाएगी। यह महत्वपूर्ण है कि सरकार इस मुश्किल परिस्थिति के साथ आम लोगों की भी परेशानी समझे। हमारी प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि बुजुर्गों को इस वायरस के प्रकोप से बचाने के लिए उन्हें कैसे सुरक्षा दी जाए और आइसोलेट कैसे किया जाए। साथ ही युवा वर्ग को यह संदेश दिया जाए कि उनका बुजुर्ग लोगों के नजदीक जाना कितना खतरनाक हो सकता है।’

राहुल ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में यह महत्वपूर्ण है कि केंद्र सरकार ज्यादा विस्तृत एवं केंद्रित दृष्टिकोण अपनाए, जिसमें लोगों की समस्याओं और जरूरतों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए। उन्होंने कही कि सरकार की प्राथमिकता बुजुर्गों व कमजोरों को अन्य लोगों से पृथक करने एवं उन्हें वायरस से सुरक्षा देने पर होनी चाहिए। साथ ही युवाओं को बुजुर्गों के नज़दीक व संपर्क में जाने से उन्हें होने वाले खतरों के बारे में साफ तौर से एवं पूर्ण रूप से जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में लाखों बुजुर्ग गांवों में रहते हैं। पूर्ण लॉकडाउन एवं आर्थिक गतिविधियों पर शटडाउन के कारण लाखों युवा बेरोजगार होकर गांवों की ओर पलायन करने पर मजबूर होंगे। ऐसी स्थिति में संक्रमण बढ़ने का खतरा ज्यादा होगा। इसलिए जरूरी है कि सामाजिक सुरक्षा के जाल को तत्काल मजबूत कर हर उपलब्ध सार्वजनिक संसाधन का प्रभावशाली उपयोग किया जाए।

हालांकि अचानक लॉकडाउन घोषित होने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार के इस औचक घोषणा से भ्रम की स्थिति बनी, जिससे हजारों प्रवासी मजदूरों को अपना आवास छोड़ना पड़ा। जरूरी है कि इस समय सरकार हस्तक्षेप कर उन्हें तत्काल राशि उपलब्ध कराए। साथ ही आश्रय दिए जाने की दिशा में भी सरकार को तत्काल मदद पहुंचानी होगी। उन्होंने कहा कि इस समय सबसे अहम है कि मुख्य वित्तीय एवं सामरिक संस्थानों के चारों ओर एक रक्षात्मक कवच स्थापित किया जाए, जिससे लोग वायरस और कुछ हफ्तों के आर्थिक शटडाउन के बाद होने वाले नुकसान का सामना कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वो समय रहते सही कदम उठाते हुए लोगों से बातचीत करें और उनका भरोसा बढ़ाएं कि उनके हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

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