संजीवनी टुडे

पुलवामा आतंकी हमला: आक्रोशित हिन्दू संगठनों का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

संजीवनी टुडे 15-02-2019 19:39:05


नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 48 जवानों के शहीद होने की घटना को लेकर देशभर में आक्रोश का माहौल है। इस कड़ी में राजधानी दिल्ली में भी विहिप समेत कई हिन्दू संगठनों ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया तथा आतंकियों व पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की।विश्व हिन्दू परिषद(विहिप), यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट(यूएचएफ), बजरंग दल समेत अन्य हिन्दू संगठनों ने जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान मुर्रादाबाद के नारे लगाए। यही नहीं संगठनों के सदस्यों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का पुतला भी फूंका। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पाकिस्तान के खिलाफ एक और सर्जिकल स्ट्राइक कराने की मांग की।

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विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले को धर्म के नाम पर जुनूनी बनाए गए एक स्थानीय युवक ने अंजाम दिया। इस युवक ने पहले से रिकॉर्ड किए गए एक विडियो संदेश में कहा है कि जब यह विडियो अपलोड किया जाएगा, वह जन्नत में होगा। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी को इस आत्मघाती हमले का करारा जवाब देना चाहिए। अगर इसके लिए भारतीय सेना को युद्ध भी करना पड़े तो वह तैयार रहे। उन्होंने कहा कि विहिप और देश की जनता उनके साथ खड़ी है।

विहिप के प्रांतीय मंत्री बच्चन सिंह ने कहा कि जब सुरक्षाबल आतंकियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई करते हैं तो अनेक जम्मू कश्मीर के राजनीतिक दल इन अमानवीय लोगों के समर्थन में सेना के खिलाफ आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना देश के जन-गन-मन का गौरव है। सेना राष्ट्र की अस्मिता की संरक्षक है और सेना पर देश के प्रत्येक नागारिक को गर्व है। केन्द्र सरकार से मांग है कि आंतकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे और पाक अधिकृत कश्मीर, पाकिस्तान स्थित आतंकी कैम्पों और आंतकी ठिकानों को तत्काल ध्वस्त करे। यूएचएफ के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जय भगवान गोयल ने कहा कि इस आत्मघाती हमले से देशभर के लोगों में बहुत आक्रोश है। 

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हम यहां जंतर-मंतर की गलियों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से यह मांग करते हैं कि जो जम्मू-कश्मीर में अलगावी नेता हैं, उनकी सुरक्षा खत्म कर उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में डाल दें और जो नेता जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय(जेएनयू) में हुए देश विरोध कार्यक्रम के पक्ष में आकर खड़े हुए हैं, उनका पर्दाफाश करें। इसके अलावा, केन्द्र की मोदी सरकार सेना को खुला अधिकार दे जिससे पाकिस्तान के द्वारा परोसा जा रहा आतंकवाद को खत्म हो और शहादत देने वाले शहीदों के परिजनों को पांच करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करे। उल्लेखनीय है कि बीते गुरुवार को जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलवामा जिले के अवंतीपोरा स्थित गोरीपोरा में केंद्रीय रिर्जव पुलिस बल (सीआरपीएफ) के करीब 2500 जवान 78 बसों में सवार होकर दूसरे स्थान पर जा रहे थे। तभी विस्फोटों से भरी एक गाड़ी को आतंकियों ने सीआरपीएफ जवानों की बस से टकरा दिया। इस हमले में 48 जवान शहीद हो गए थे। पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली है।

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