संजीवनी टुडे

प्रमोटर का आरोप, तृणमूल सांसद शांतनु सेन ने रंगदारी के तौर पर लिये थे लाखों रुपये

संजीवनी टुडे 22-06-2019 17:31:22

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को मुश्किल में डालते हुए सरकारी योजनाओं के लाभुकों से रिश्वत लेने वालों के खिलाफ खुलकर शिकायत करने के लिए लोगों का आह्वान किया है।


कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को मुश्किल में डालते हुए सरकारी योजनाओं के लाभुकों से रिश्वत लेने वालों के खिलाफ खुलकर शिकायत करने के लिए लोगों का आह्वान किया है। अब उन्हीं की पार्टी के राज्यसभा सांसद शांतनु सेन पर शनिवार एक प्रमोटर ने छह वर्षों में 40 से 42 लाख रुपये रंगदारी वसूलने का आरोप लगाया है। हालांकि इस बारे में प्रतिक्रिया के लिए जब शांतनु सेन से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि इस तरह का आरोप लगाने वाले प्रमोटर के खिलाफ वह मानहानि का केस करेंगे। शांतनु सेन वर्तमान में कोलकाता नगर निगम के तीन नंबर वार्ड के पार्षद हैं और तृणमूल से राज्यसभा के सांसद भी हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि चिकित्सकों के सबसे बड़े संगठन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के वह अखिल भारतीय अध्यक्ष भी हैं। उन पर आरोप लगाने वाले प्रमोटर का नाम सुमंत चौधरी उर्फ नांटी है। वह दमदम के सिंथी इलाके में प्रमोटिंग का काम करते हैं।

शनिवार को शांतनु सेन पर बड़ा आरोप लगाते हुए सुमंत ने कहा है कि 2012 से मैं लगातार शांतनु सेन को रंगदारी दे रहा हूं। उन्होंने कहा है कि पहले शांतनु दो नंबर वार्ड के काउंसिलर थे। तब से ही उन्होंने इस पूरे सिंथी इलाके में रंगदारी वसूली प्रथा की शुरुआत की थी। पहले ₹25000 रुपये लेते थे। यह पूछा जाता था कि किस बात के लिए आपको पैसा दिया जाएगा, तब वह कहते थे कि गाड़ी भाड़ा करने में, माइक लगाने में बहुत खर्च होता है, आपको पैसा देना होगा। सुमंत ने दावा किया है कि शुरुआत में तो कुछ हजार रुपये ही रंगदारी के तौर पर वसूलते थे लेकिन विगत कुछ सालों से उनका रंगदारी टैक्स(कर) बढ़ गया था। अगर चार कट्ठा जमीन पर प्रमोटिंग के लिए काम मिलता है तो शांतनु सेन को प्रति कट्ठा दो लाख रुपये रंगदारी देनी पड़ती है। अगर एक बार में पूरा पैसा नहीं दे सके और किस्त में देते थे तो शांतनु सेन अपने मोबाइल में हिसाब रखते थे।

सुमंत ने कहा है कि 1975 से मैं ईंट बालू और सीमेंट का कारोबार करता हूं, लेकिन 2012 के बाद से मैं कुछ भी बेच नहीं पाया हूं। अपना काम करने के लिए भी शांतनु सेन के सिंडिकेट से इमारत निर्माण का सामान खरीदना पड़ता था। सुमंत ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि जिन लोगों ने भी रंगदारी वसूली है वह वापस करें। इसलिए मैं चाहता हूं कि मेरा पैसा भी वापस हो। सुमंत ने कहा कि 2012 से 2018 तक मैंने शांतनु सेन को करीब 40 से 42 लाख रुपये की रंगदारी दी है।

वर्तमान में शांतनु कोलकाता नगर निगम के तीन नंबर वार्ड के पार्षद है जबकि दो नंबर वार्ड की वर्तमान पार्षद पुष्पाली सिंह है। सुमंत का आरोप है कि शांतनु की तरह पुष्पाली भी रंगदारी वसूलती हैं। दो बार में वह करीब 3.80 लाख रुपये उनके परिजनों के हाथों पुष्पाली तक पहुंचा चुके हैं। सुमंत ने दावा किया कि पुष्पाली ने फोन पर उन्हें धमकी भी दी है। सुमंत ने कहा कि 20 नंबर कालीचरण रोड पर मैंने अपनी 6 कट्ठा जमीन खरीदी है। वहां जैसे ही मैंने निर्माण कार्य की शुरुआत की थी, पुष्पाली ने फोन किया। प्रति कट्ठा दो लाख रुपये की रंगदारी पहुंचाने का निर्देश दिया था। जमीन का कागजात लाकर मिलने का भी फरमान सुनाया है। हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बीच निर्देश दिया है कि किसी को भी घूस नहीं देना है इसलिए मैं पुष्पाली से मिलने नहीं गया।

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