संजीवनी टुडे

जहरीली शराब मामला: कांग्रेस ने सीएम और आबकारी मंत्री का मांगा इस्तीफा

संजीवनी टुडे 23-02-2019 22:19:35


गुवाहाटी। गोलाघाट व जोरहाट जिले में जहरीली शराब पीने से हुई 100 लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने की घटना के लिए मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और आबकारी मंत्री परिमल शुक्लबैद्य को जिम्मेदार ठहराते हुए कांग्रेस ने शनिवार को उनसे इस्तीफा मांगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी मुख्यमंत्री व आबकारी मंत्री द्वारा मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, इसलिए उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कहा कि यह घटना आबकारी विभाग की बड़ी विफलता बताती है। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए विभागीय मंत्री शुक्लबैद्य को तुरंत अपना पद त्याग कर देना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि केवल इस घटना के लिए दो आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर मंत्री अपने दायित्वों का पालन करने की सोच रहे हैं, यह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल द्वारा मामले में कोई कदम नहीं उठाया गया है, इसलिए उन्हें भी अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। रिपुन बोरा ने कहा कि देश की आजादी के बाद जिस तरह की घटना गोलाघाट व जोरहाट में घटी है, अब तक असम में नहीं देखी गई। उन्होंने असम में शराब को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के शासनकाल में इतनी बड़ी और लज्जाजनक घटना घटी है, जो अब तक कभी देखने को नहीं मिली। उन्होंने इस घटना की न्यायिक जांच कराने की भी मांग की। साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा मामले की जांच के लिए की गई घोषणा को एक स्वाभाविक प्रक्रिया बताया। 

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बोरा ने कहा कि गोलाघाट और जोरहाट में इतनी बड़ी घटना घट गई, लेकिन भाजपा के मंत्री और विधायक डिब्रूगढ़ में चल रहे काचा-सोना उत्सव में आनंद मना रहे थे। यह बेहद दुर्भाग्यजनक और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि इस तरह के भयावह घटना के बाद सरकार को ऐसे कार्यक्रमों को तुरंत रद्द कर देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों का हालचाल जानने के लिए भाजपा के नेता नहीं गए जबकि कांग्रेस के पूर्व मंत्री रकीबुल हुसैन, सांसद गौरव गोगोई, विधायक रूपज्योति कुर्मी, विधायिका अजंता नेउग, पूर्व मंत्री विस्मिता गोगोई समेत कई नेता पीड़ित परिवारों से मिलकर अपनी संवेदना ज्ञापित की। रिपुन बोरा ने भाजपा नेता व खुमटाई के विधायक मृणाल सैकिया द्वारा विपक्ष पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है। उल्लेखनीय है कि मृणाल सैकिया ने आरोप लगाया था कि चाय बागान इलाके में भाजपा की बढ़ती जनप्रियता से परेशान होकर विरोधियों ने इस तरह की घटना को जानबूझकर अंजाम दिया है। बोरा ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह से निराधार है और इसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है। उन्होंने विधायक सैकिया से 24 घंटे के अंदर अपने आरोपों को प्रमाणित करने की चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे ऐसा नहीं कर पाते हैं तो उन्हें सार्वजनिक जीवन से अलग हो जाना चाहिए।

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