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विपक्ष पर जमकर बरसे PM मोदी, बोले- देश को तोड़ने की साजिश करने वालों को दिया जा रहा मुंहतोड़ जबाब

संजीवनी टुडे 30-11-2020 22:40:00

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को अपने संसदीय क्षेत्र काशी के महिमा का जमकर बखान किया। उन्होंने कहा कि काशी पूरे विश्‍व को प्रकाश देने वाली है।


वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को अपने संसदीय क्षेत्र काशी के महिमा का जमकर बखान किया। उन्होंने कहा कि काशी पूरे विश्‍व को प्रकाश देने वाली है। हर युग में काशी ने विश्‍व का मार्ग दर्शन किया है। काशी के नर नारी देवी और शिव के स्वरूप है। काशी जीवंत है,यहां की गलियां ऊर्जावान है।

प्रधानमंत्री सोमवार की शाम राजघाट पुल पर पहला दीपक जलाकर देव दीपावली उत्सव का शुभारंभ करने के बाद उपस्थित लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। घाट पर प्रतिध्वनि संस्था के कलाकारों की ओर से प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम शिव स्तुति और गंगा आराधना देखने के बाद प्रधानमंत्री ने भोजपुरी भाषा में गंगा स्नान की परम्परा को बता कहा कि काशी में अनादि काल से डुबकी लगाकर दान पुण्य की परम्परा रही है। पंडित रामकिंकर महाराज कार्तिक महीने में बाबा विश्वनाथ को रामकथा सुनाते रहे। 

उन्होंने कहा कि कोविड 19 ने बहुत चीजों को बदला है। लेकिन, काशी की ऊर्जा, भक्ति और शक्ति को कोई नहीं बदल सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मां गंगा के सानिध्य में काशी प्रकाश का उत्सव मना रही है। भोलेनाथ के आशीर्वाद से मुझे भी गंगा में डुबकी लगाने का अवसर मिल रहा है। 

प्रधानमंत्री ने सौ साल पहले काशी से चोरी हुई माता अन्नपूर्णा की मूर्ति का उल्लेख कर कहा कि ये मूर्ति अब वापस आ रही है। माता अन्नपूर्णा फिर एक बार अपने घर लौटकर आ रही हैं। काशी के लिए यह सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि यह मूर्तियां हमारी आस्था के साथ ही अमूल्य विरासत भी है। 

उन्होंने पिछली सरकारों को निशाने पर लेकर कहा कि यह प्रयास अगर पहले किया गया होता तो कितनी मूर्तियां देश को वापस मिल जातीं। हमारे लिए विरासत का मतलब है देश की धरोहर है, जबकि कुछ लोगों के लिए विरासत का मतलब अपना परिवार और अपने परिवार का नाम होता है। हमारे लिए विरासत का मतलब हमारी आस्था, हमारी संस्कृति, हमारे मूल्य। हमारा ध्यान देश की विरासत और संस्कृति बचाने पर है। 

प्रधानमंत्री ने सीमा पर तनाव बढ़ा रहे चीन को भी कड़ा संदेश देते हुए कहा कि देश में चाहे सीमा पर घुसपैठ की कोशिश हो, विस्तारवादी ताकतों का दुस्साहस हो या फिर देश के भीतर देश को तोड़ने वाली साजिशें, भारत आज सबका मुहतोड़ जवाब दे रहा है। देश के दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। गरीबों और जरूरतमंदों को मदद दी जा रही है। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर अभियान में लोकल के लिए वोकल का लोगों से नारा लगवा कहा कि इस बार की दीपावली जैसे मनाई गई। उसी तरह देश के लोग स्थानीय उत्पाद और उपहार खरीद कर त्योहार मनाए। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे त्योहार एक बार फिर से गरीब की मदद की प्रेरणा बन रहे हैं। प्रकाश पर्व पर गुरुनानक देव को स्मरण कर प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपना जीवन गरीबों की सेवा में व्यतीत किया था। काशी में वह लम्बे समय तक रहे। काशी का गुरुबाग गुरुद्वार इसका साक्षी है। प्रधानमंत्री ने विश्वनाथ कॉरिडोर के विरोध का जिक्र कहा कि काशी के लिए जब विकास के काम शुरू हुये थे, विरोध करने वालों ने सिर्फ विरोध के लिए विरोध तब भी किया था। जब काशी ने तय किया था कि बाबा के दरबार तक विश्वनाथ कॉरिडोर बनेगा, भव्यता, दिव्यता के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। विरोध करने वालों ने तब इसे लेकर भी काफी कुछ कहा था। 

प्रधानमंत्री ने विकास कार्यों का विरोध करने वालों को आइना दिखा कर कहा कि आज जब काशी की विरासत लौट रही है।  तो ऐसा लग रहा है कि काशी माता अन्नपूर्णा के आगमन की खबर सुनकर सजी-संवरी हो। प्रधानमंत्री ने काशी में देव दीपावली पर्व पर शहीदों के नाम पर दीप जलाने की परम्परा का सराहना करते हुए कहा कि पर्व पर आज ये दीपक उन आराध्यों के लिए भी जल रहे हैं, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किये, जो जन्मभूमि के लिए बलिदान हुए। काशी की ये भावना, देव दीपावली की परंपरा का ये पक्ष भावुक कर जाता है। इस अवसर पर मैं देश की रक्षा में अपनी शहादत देने वाले, हमारे सपूतों को नमन करता हूं।

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