संजीवनी टुडे

PM मोदी ने किया कोसी रेल महासेतु संग 12 रेल परियोजनाओं का भी उद्घाटन, जानें इस पुल का इतिहास

संजीवनी टुडे 18-09-2020 13:33:37

भारत के पीएम नरेंद्र मोदी आज मतलब शुक्रवार को बिहार में ऐतिहासिक कोसी रेल महासेतु संग यात्री सुविधाओं से संबंधित रेल की 12 परियोजनाओं का उद्घाटन किया है.


नई दिल्ली। भारत के पीएम नरेंद्र मोदी आज मतलब शुक्रवार को बिहार में ‘ऐतिहासिक' कोसी रेल महासेतु संग यात्री सुविधाओं से संबंधित रेल की 12 परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से जारी एक बयान में बोला गया  कि वीडियो कॉन्फ्रेंस से होने वाले कोसी रेल महासेतु का उद्घाटन बिहार के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण होगा क्योंकि यह इस क्षेत्र को पूर्वोत्तर भारत के राज्यों से जोड़ेगा। 

अटल जी के कार्यकाल में इसकी शुरुआत हुई, किन्तु यूपीए सरकार के दौरान 
रुका पूरा कार्य: सीएम नीतीश कुमार

इस कार्यक्रम में सीएम नीतीश कुमार के मुताबिक, अटल जी के कार्यकाल में इसका प्रारम्भ हुआ था, परन्तु यूपीए सरकार के दौरान पूरा काम थम गया। उन्होंने मोदी से बोला कि अब आप आएं हैं तो इस कारण ये काम पूरा हो सका। वहीं नीतीश ने इस दौरान अपनी मांग भी रखी एवं बोला कि इस लाइन को आगे भी बढ़ाया जाना चाहिए, ऐसी मेरी सरकार से आस है। 

पीएमओ की माने तो, साल 1887 में कोसी क्षेत्र में निर्मली एवं भापतियाही के बीच मीटर गेज लिंक बना था, किन्तु साल 1934 में भारी बाढ़ और नेपाल में आए भूकम्प में यह बर्बाद हो था। इसके बाद कोसी नदी की अभिशापी प्रकृति के चलते इस रेल मार्ग के पुनर्निर्माण का कार्य प्रारम्भ करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। 

क्या होगा कोसी महासेतु से लाभ?
पुल नहीं होने की बजह फ़िलहाल तक कोसी से मिथिलांचल जाने हेतु लगभग  300 किमी की दूरी ट्रेन से तय करनी पड़ती थी। कोसी महासेतु और बलुआहा पुल तैयार होने के पश्चात सड़क मार्ग से कोसी और मिथिला का मिलन हो गया। 

फ़िलहाल निर्मली से सरायगढ़ तक की यात्रा दरभंगा-समस्तीपुर-खगड़िया-मानसी-सहरसा होते हुए 298 किलोमीटर का है। ब्रिज के बनने से 298 किमी की दूरी मात्र 22 किमी में सिमट जायेगी। कुल मिलाकर यह है कि 18 सितंबर का दिन बिहार के लोगों हेतु एक ‘ऐतिहासिक’ दिन होगा जब 86 वर्ष का सपना पूरा होने जा रहा है। 

इसके सिवा मोदी जिन 12 रेल परियोजनाओं का उद्घाटन किया है उनमें किउल नदी पर एक रेल सेतु, दो नई रेल लाइनें, पांच विद्युतीकरण से संबंधित, एक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव शेड एवं बाढ़ और बख्तियारपुर में तीसरी लाइन परियोजना भी सम्मिलित है। पीएमओ के मुताबिक कोसी रेल महासेतु का उद्घाटन क्षेत्र के लोगों की लंबी प्रतीक्षा का अंत करेगा तथा 86 साल पुराने उनके सपने को पूर्ण करेगा। 

यह खबर भी पढ़े: तेलंगाना में पिछले 24 घंटे में मिले कोरोना के 2043 नए मामले, कुल संक्रमितों की संख्या हुई 1,67,046

ऐसी ही ताजा खबरों व अपडेट के लिए डाउनलोड करे संजीवनी टुडे एप

More From national

Trending Now
Recommended