संजीवनी टुडे

राहुल गांधी के 48 वे जन्मदिन पर PM मोदी ने दिया बधाई संदेश

संजीवनी टुडे 19-06-2018 14:28:33

नई दिल्ली। 19 जून को राहुल गांधी 48 साल के हो गए हैं, इस बार राहुल गांधी अपना जन्‍मदिन  दिल्‍ली में पार्टी हेडक्‍वार्टर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच अपने जन्‍मदिन को मनाएंगे। इस बार यूथ कांग्रेस, कांग्रेस की महिला शाखा समेत पार्टी की यूनिटों ने इस अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होने  बधाई संदेश में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की लम्बी उम्र और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना की। 

प्रारम्भिक जीवन
राहुल गांधी का जन्म 19 जून 1970 को नई दिल्ली में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पूर्व काँग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी के यहां हुआ था। वह अपने माता-पिता की दो संतानों में बड़े हैं और प्रियंका गांधी वढेरा के बड़े भाई हैं। राहुल गांधी की दादी इंदिरा गांधी भारत की पूर्व प्रधानमंत्री थीं।

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राहुल गांधी की प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल में की और इसके बाद वो प्रसिद्ध दून विद्यालय में पढ़ने चले गये जहां उनके पिता ने भी विद्यार्जन किया था। सन 1981-83 तक सुरक्षा कारणों के कारण राहुल गांधी को अपनी पढ़ाई घर से ही करनी पड़ी। राहुल ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के रोलिंस कॉलेज फ्लोरिडा से सन 1994 में कला स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद सन 1995 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के ट्रिनिटी कॉलेज से एम.फिल. की उपाधि प्राप्त की।

शुरूआती कैरियर
स्नातक स्तर तक की पढ़ाई कर चुकने के बाद राहुल गांधी ने प्रबंधन गुरु माइकल पोर्टर की प्रबंधन परामर्श कंपनी मॉनीटर ग्रुप के साथ 3 साल तक काम किया। इस दौरान उनकी कंपनी और सहकर्मी इस बात से पूरी तरह से अनभिज्ञ थे कि वे किसके साथ काम कर रहे हैं क्योंकि वह राहुल यहां एक छद्म नाम रॉल विंसी के नाम से इस कम्पनी में नियोजित थे। 

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राहुल गाँधी के आलोचक उनके इस कदम को उनके भारतीय होने से उपजी उनकी हीन-भावना मानते हैं जब कि काँग्रेसजन उनके इस कदम को उनकी सुरक्षा से जोड़ कर देखते हैं। सन 2002 के अंत में वह मुंबई में स्थित अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी से संबंधित एक कम्पनी 'आउटसोर्सिंग कंपनी बैकअप्स सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड' के निदेशक-मंडल के सदस्य बन गये। 2004 में जब पहली बार अमेठी से चुनावी मैदान में उतरे तो अपने हलफनामे में पेशे के कॉलम में 'किसान' लिखा, 2009 में इसको बदलकर 'स्‍ट्रैटजिक कंसल्‍टेंट' लिख दिया। 

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