संजीवनी टुडे

प्रधानमंत्री ने किया 'काशी एक-रूप अनेक' हस्तकला प्रदर्शनी का उद्घाटन

संजीवनी टुडे 16-02-2020 19:39:40

प्रधानमंत्री रविवार को बड़ालालपुर स्थित पं. दीन दयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल में यूपी इंस्टीट्यूट डिजाइन संस्थान की ओर से आयोजित शी एक-रूप अनेक हस्तकला प्रदर्शनी का उद्घाटन करके हस्तशिल्पियों और विदेशी खरीददारों को सम्बोधित कर रहे थे।


वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हस्तशिल्पियों का आह्वान किया कि बदलती दुनिया, समय और मांग को देखते हुए पुरानी परंपरा को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के हिसाब से ढालने और परिष्कृत करने की जरूरत है। यह तभी संभव है जब परंपरा के साथ संस्थागत समर्थन हो। हमारे पास संसाधन और कौशल की कमी नहीं है, बस एक व्यापक सोच के साथ कार्य करने की जरूरत है। पिछले पांच सालों से सरकार इसी दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है।  प्रधानमंत्री रविवार को बड़ालालपुर स्थित पं. दीन दयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल में यूपी इंस्टीट्यूट डिजाइन संस्थान की ओर से आयोजित 'काशी एक-रूप अनेक' हस्तकला प्रदर्शनी का उद्घाटन करके हस्तशिल्पियों और विदेशी खरीददारों को सम्बोधित कर रहे थे।

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प्रदर्शनी में एक-एक स्टाल पर जाकर प्रधानमंत्री ने हस्तशिल्पियों से उत्पाद की पूरे उत्साह से जानकारी लेने के बाद कहा कि भारत की यह शक्ति रही है कि हर क्षेत्र और जिले में कोई विशेष कला और उत्पाद जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में सदियों से परंपरा रही है और कारोबारियों ने इसका प्रचार दुनिया में किया है। मसाले शिल्प से भंडार भरा है। हर उत्पाद की अपनी विशेषता और कहानी है। आदिवासी अंचलों में कलात्मक उत्पाद बनाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने 'एक जिला-एक उत्पाद' (ओडीओपी) योजना के लिए प्रदेश सरकार खासकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करके कहा कि यहां भांति-भांति के कलाकार शिल्पकार एक ही छत के नीचे हैं। यह ओडीओपी की प्रेरणा है। इससे भारत को पांच ट्रिलियन अर्थ व्यवस्था में बनाने में भी मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले बनारस का सामान्य बुनकर और निर्यातक ऑनलाइन संवाद नहीं कर सकता था, क्योंकि तब मंच नहीं था। तत्कालीन सरकारों के पास पैसा या समझ नहीं थी, ऐसा नहीं कह सकता। हर व्यक्ति को सशक्त और स्वावलंबी बनाने की जरूरत है। पूरे देश में अनेक केंद्र बनाए गए हैं जहां सामान्य हस्तशिल्पी उत्पाद प्रदर्शित कर सकें। उन्होंने बताया कि सरकार अब एमएसएमई के लिए नई योजनाएं बना रही है। सरकारी खरीद से लॉजिस्टिक तक का लाभ छोटे अब कारोबारी को मिलेगा। छोटे कारोबारियों को एक प्लेटफार्म से जोड़ा गया है। डिजिटल व्यवस्था से निर्यातकों को रिफंड की सुविधा मिलेगी। जीएसटी से लॉजिस्टिक में बदलाव हुआ है। देश में नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी की तैयारी की जा रही है। इससे रोजगार में भी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया ऐसे उत्पादों का आयात कम होगा जिनका निर्माण भारत में हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा जीएसटी से लागू होने से लॉजिस्टिक में व्यापक बदलाव आया है। इस बदलाव को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कर वसूली को पेपरलेस किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि एमएसएमई के साथियों को एक करोड़ टर्न ओवर पर कागजों में उलझना पड़ता था लेकिन अब इससे मुक्ति मिली है। अब आडिट पांच करोड़ से अधिक वालों के लिए रखा गया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस वर्ष के बजट में डिफेंस कारीडोर के लिए 3700 करोड़ का प्रावधान किया गया है। लखनऊ में पिछले दिनों हुए डिफेंस एक्सपो में आई रक्षा कंपनियों ने यहां निवेश करने में रूचि दिखाई। कई कम्पनियों ने एमओयू भी किया है। इसका लाभ छोटे उद्योगों को भी मिलेगा। रोजगार के तमाम अवसर भी सामने आयेंगे।

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उन्होंने कहा कि निर्माण और ईज आफ ग्रोइंग बिजनेस रोजगार निर्माण के माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज सरकार की सोच और एप्रोच का परिणाम है कि अब एमएसएमई के लिए नई योजनाएं बन रही है। सभा में प्रधानमंत्री ने ई-कामर्स पोर्टल का भी लोकार्पण किया। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, राज्यमंत्री उदयभान सिंह, यूपी इंस्टीट्यूट डिजाइन संस्थान की अघ्यक्ष डा. शिप्रा आदि मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ शिल्पियों ने भी प्रधानमंत्री को स्मृति चिह्न प्रदान किया।

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