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अन्य देशों की तुलना में काफी सस्ती दर पर लोगों को मिल रही भारतीय कोरोना वैक्सीन, जानें कीमत

संजीवनी टुडे 14-01-2021 03:18:00

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि, बीते मंगलवार तक सरकार को कोरोना टीके की 54.70 लाख डोज प्राप्त हो गई है।


नई दिल्ली। 16 जनवरी से भारत में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान प्रारंभ हो रहा है। भारत का अभियान कई मायनों में विशेष है। जहां एक और देश के लोगों को स्वदेश निर्मित कोरोना वैक्सीन प्रदान की जा रही है। उल्लेखनीय है कि देश में कोरोना वायरस की वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन को मंजूरी प्रदान की गई है। वहीं, दूसरे देशों की तुलना में काफी सस्ते दर पर लोगों को उपलब्ध हो रही है। 

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि, बीते मंगलवार तक सरकार को कोरोना टीके की 54.70 लाख डोज प्राप्त हो गई है। उन्होंने बोला कि, भारत सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से कोविशील्ड की 1.10 करोड़ खुराक 200 रुपये प्रति डोज के हिसाब से खरीदी है। 

जबकि, 35 लाख डोज भारत बायोटेक से 3 सो रुपये प्रति डोज के हिसाब से खरीदी है। जबकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने सचिव ने सूचना प्रदान करते हुए कहा है कि विदेशी फाइजर वैक्सीन का दाम प्रति डोज भारतीय मुद्रा के हिसाब से 14 सौ रुपये से भी ज्यादा है। 

दूसरे देशों और कंपनियों के टीके की बात करे तो, मॉडर्ना के टीके का दाम 2348 रुपये से लेकर 2715 रुपये तक रखा गया है। नोवावैक्स के टीके की कीमत 1114 रुपये है। वहीं, स्पूतनिक-वी के टीके की कीमत 734 रुपये रखी गई है। वहीं, चीन के साइनोफोर्म वैक्सीन का दाम 5650 रुपये से ज्यादा पड़ रहा है। ऐसे में अन्य देशों के टीकों की तुलना में भारतीय वैक्सीन की कीमत काफी कम है। 

भूषण ने बताया कि कोरोना वैक्सीन देने हेतु स्वास्थ्यकर्मियों को प्राथमिक सूची के शीर्ष पर रखा गया है। पहले तीन करोड़ स्वास्थ्यकर्मी तथा फ्रंटलाइन वर्कर को वैक्सीन की खुराक लगाई जाएगी। इसके बाद 50 वर्ष से ऊपर उम्र वालों और 50 से कम उम्र वाले उन लोगों को जो अनेक तरह के रोगों से ग्रसित हैं, वैक्सीन लगाई जाएगी। 

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