संजीवनी टुडे

पाकिस्तान सेना ने किया मानवता को शर्मसार: BSF जवान की निकाली आंखें, गला रेत कर की हत्या

संजीवनी टुडे 20-09-2018 14:39:23


नई दिल्ली। जम्मू के समीप अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल के एक जवान का पाकिस्तानी सैनिकों ने गला रेत दिया। दरअसल, मंगलवार को पाकिस्तान की फायरिंग के बाद से हेड कॉन्स्टेबल नरेंद्र कुमार लापता थे। बुधवार को उनका शव मिला। एक तरफ जहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान वार्ता के लिए पीएम मोदी को चिट्ठी लिखते है वहीं दूसरी तरफ भारतीय सैनकों के साथ पाक की बर्बरता बढ़ती जा रही है। 

आपको बता दें कि यह बर्बर घटना मंगलवार को रामगढ़ सेक्टर में हुई। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तथा नियंत्रण रेखा पर ‘हाई अलर्ट’ जारी कर दिया। शहीद BSF जवान का शव जब भारतीय सैनकों को मिला तो उनके रोंगटे खड़े हो गए। 51 साल के नरेंद्र सिंह को पाकिस्तानी सैनिकों ने उन्हें घंटों बुरी तरह से तड़पाया और बर्बरता की सारी हदें पार कर दी। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैनिकों ने पहले जवान का गला रेता और शरीर पर करंट के झटके दिए।  इतने से भी मन नहीं भरा तो पाकिस्तान सैनिकों ने कायरता की सारे हदें पार कर दी। पाक सैनिकों ने शहीद BSF जवान की एक टांग काट दी और उनकी आंखें भी निकाल ली। इतनी यातनाएं देने के बाद पाक सैनिकों ने उनके शरीर पर गोलियां बरसा दी। 

अधिकारियों की रिपोर्ट के मुताबिक, बीएसएफ की एक टीम मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर फेंसिंग के पास घास काटने के लिए गई थी। तभी सीमा पार से फायरिंग शुरू हो गई। बीएसएफ के जवानों ने फौरन इसका जवाब दिया। सेना के सूत्रों ने बताया कि जहां फायरिंग हुई, वहां लंबी घास और दलदल वाला इलाका था। इससे बीएसएफ के लापता हेड कांस्टेबल नरेंद्र कुमार की लोकेशन का पता लगाना मुश्किल था। 

अधिकारियो के अनुसार  कुमार का शव छह घंटे के बाद भारत पाक बाड़ के आगे मिल पाया क्योंकि पाकिस्तानी पक्ष ने सीमा पर संयंम बनाए रखने और बीएसएफ के खोजी दलों पर गोलीबारी न होना सुनिश्चित करने के आह्वान पर ‘कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। 

2.40 लाख में प्लॉट जयपुर: 21000 डाउन पेमेन्ट शेष राशि 18 माह की आसान किस्तों में Call:09314166166

MUST WATCH & SUBSCRIBE

उन्होंने बताया कि बाद में पाकिस्तान रेंजर्स से लापता जवान की तलाश के लिए ज्वाइंट पेट्रोलिंग करने के लिए कहा गया, लेकिन वे कुछ ही प्वाइंट तक साथ चले। बाद में उन्होंने खुद को इससे अलग कर लिया। उसके बाद नरेंद्र कुमार की बॉडी छह घंटे के बाद मिली। नरेंद्र को तीन गोलियां लगी थीं। साथ ही उनका गला भी कटा था। फिर बीएसएफ ने सूर्यास्त का इंतजार किया और जवान का शव चौकी तक लाने के लिए ‘‘जोखिम भरा अभियान’’ शुरू किया। 

sanjeevni app

More From national

Loading...
Trending Now