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नतीजे से पहले ही हार मान चुके हैं विपक्षी दल, इसीलिए संवैधानिक संस्थाओं पर भी उठा रहे सवाल : शाह

संजीवनी टुडे 22-05-2019 19:40:37


नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने विरोधी दलों पर निशाना साधते हुए कहा है कि नतीजों से पहले ही विपक्ष हार मान चुका है। यही वजह है कि ये लोग न सिर्फ ईवीएम पर सवाल उठा रहे हैं बल्कि राजग की बैठक को भी सवालों के घेरे में लेने से नहीं चूक रहे। विपक्षी दलों की नासमझ हरकत को देखते हुए विपक्षी दलों पर करारा प्रहार करते हुए अमित शाह ने सिलसिलेवाल ट्वीट किए हैं। जिसमें शाह ने कहा कि ईवीएम का विरोध देश की जनता के जनादेश का अनादर है। अपनी संभावित हार से बौखलाई विपक्ष की यह 22 पार्टियां देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवालिया निशान उठाकर विश्व में देश और अपने लोकतंत्र की छवि को धूमिल कर रही हैं। इन सभी दलों की मांगों का कोई तार्किक आधार नहीं है और वह सिर्फ निजी स्वार्थ से प्रेरित है। अपने ट्वीट्स में शाह ने छह सवाल भी विपक्षियों से किए हैं।

भाजपा अध्यक्ष ने सवाल पूछा कि ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाली इन अधिकांश विपक्षी पार्टियों ने कभी न कभी ईवीएम द्वारा हुए चुनावों में विजय प्राप्त की है। ऐसे में यदि उन्हें ईवीएम पर विश्वास नहीं है तो इन दलों ने चुनाव जीतने पर सत्ता क्यों सम्भाला? शाह ने कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत ने तीन से ज्यादा पीआईएल का संज्ञान लेने के बाद चुनावी प्रक्रिया को अंतिम स्वरूप दिया है। जिसमें की हर विधानसभा क्षेत्र में पांच वीवीपैट को गिनने का आदेश शामिल है। शाह ने विपक्ष से सवाल करते हुए कहा कि क्या विपक्ष सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर भी प्रश्नचिन्ह लगा रहा है? मतगणना के सिर्फ दो दिन पूर्व 22 विपक्षी दलों द्वारा चुनावी प्रक्रिया में परिवर्तन की मांग पूर्णतः असंवैधानिक है क्योंकि इस तरह का कोई भी निर्णय सभी दलों की सर्वसम्मति के बिना सम्भव नहीं है।

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शाह ने कहा कि विपक्ष ने ईवीएन के विषय पर हंगामा छह चरणों का मतदान समाप्त होने के बाद शुरू किया। एग्जिट पोल के बाद यह और तीव्र हो गया। शाह ने कहा कि एग्जिट पोल ईवीएम के आधार पर नहीं बल्कि मतदाता से प्रश्न पूछ कर किया जाता है। अतः एग्जिट पोल के आधार पर कोई ईवीएम की विश्वसनीयता पर कैसे प्रश्न उठा सकता है? शाह ने कहा कि ईवीएम में गड़बड़ी के विषय पर प्रोएक्टिव कदम उठाते हुए चुनाव आयोग ने सार्वजनिक रूप से चुनौती देकर इसके प्रदर्शन का आमंत्रण दिया था। परन्तु उस चुनौती को किसी भी विपक्षी दल ने स्वीकार नहीं किया। शाह ने कहा कि कुछ विपक्षी दल चुनाव परिणाम अनुकूल न आने पर ‘हथियार उठाने’ और “खून की नदिया बहाने“ जैसे आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष बताए कि ऐसे हिंसात्मक और अलोकतांत्रिक बयान के द्वारा वह किसे चुनौती दे रहे हैं?

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