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अब चीन को हर चाल का मिलेगा मुंहतोड़ जवाब, अमेरिका और इजरायल ने भारत को दिया ये खास 'तोहफा'

संजीवनी टुडे 27-11-2020 13:30:10

चीन और पाकिस्तान से मिल रही लगातार चुनौतियों के बीच भारत की ताकत में बड़ा इजाफा होने वाला है। भारतीय सेना को बहुत जल्द इजरायल से हेरोन और अमेरिका से मिनी ड्रोन्स मिलने वाले हैं।


नई दिल्‍ली। चीन और पाकिस्तान से मिल रही लगातार चुनौतियों के बीच भारत की ताकत में बड़ा इजाफा होने वाला है। भारतीय सेना को बहुत जल्द इजरायल से हेरोन और अमेरिका से मिनी ड्रोन्स मिलने वाले हैं। जिसके बाद सीमा पर चीन और पाकिस्‍तान की हर हरकत नाकाम हो जाएगी।

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हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ड्रोन को लेकर भारत और इजरायल के बीच एक सौदा हो रहा है। भारत का इजरायल से हेरोन सर्विलांस ड्रोन खरीदने का एक सौदा आखरी चरण में है और उम्मीद है कि दिसंबर में इस डील को सील कर दिया जाएगा।

जानकारी के अनुसार LAC को लेकर चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद के कारण भारत लगातार अपनी सुरक्षा बढ़ा रहा है। राफेल सहित सेना में कई मिसाइलों को शामिल करने के बाद ड्रोन अब भारतीय सेना की ताकत बढ़ा सकते हैं। भारत को जल्द ही इजरायल हेरॉन और यूएस मिनी ड्रोन्स मिलेंगे ताकि चीन की सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी क्षमताओं को बढ़ाया जा सके।

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इजरायली ड्रोन सोदा अंतिम चरण में

सूत्रों के मुताबिक इजरायल के हेरॉन निगरानी ड्रोन खरीदने का सौदा भी अंतिम चरण में है और दिसंबर में पूरा होने की उम्मीद है। एएनआई समाचार एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से कहा कि हेरोन ड्रोन चीन से सटे लद्दाख सेक्टर में तैनात किया जाएगा और वर्तमान में भारतीय सुरक्षा बलों की क्षमता में वृद्धि करेगा। हेरॉन ड्रोन में निगरानी क्षमता होती है।

सूत्रों ने कहा कि ड्रोनों की खरीद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा रक्षाबलों को दी गई आपातकालीन वित्तीय शक्तियों के तहत की जा रही थी, जिसके तहत वे 500 करोड़ रुपये तक के हथियार खरीद कर सकते थे। इसके अलावा, अन्य छोटे ड्रोन जो भारत को अमेरिका से मिलेंगे, उन्हें जमीन पर बटालियन स्तर के सैनिकों को दिया जाएगा। सटीक स्थान जानने के लिए हाथ से संचालित ड्रोन का उपयोग किया जाएगा।

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सूत्रों का कहना हैं कि इस विशेष ड्रोन की खरीद से भारतीय सेना को एलएसी पर चीन की हर हरकत की जानकारी मिल जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को आखिरी बार यह सुविधा वर्ष 2019 में दी गई थी, जब पाकिस्तान में हवाई हमला हुआ था। इस शक्ति का उपयोग करते हुए भारतीय नौसेना ने अमेरिकी कंपनी जनरल एटॉमिक्स से दो प्रीडेटर ड्रोन लिए हैं।

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