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निर्भया केस: दया याचिका खारिज होने के बाद मामले में नया मोड़, SC पहुंचे मुकेश ने रखी ये मांग

संजीवनी टुडे 27-01-2020 16:50:05

निर्भया के दोषियों के फांसी के दिन नजदीक आ रहे हैं वैसे -वैसे दोषी फांसी से बचने के लिए हथकंडे अपना रहे हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा दया याचिका ठुकराने के बाद दोषी मुकेश सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की।



नई दिल्ली। निर्भया के दोषियों के फांसी के दिन नजदीक आ रहे हैं वैसे -वैसे दोषी फांसी से बचने के लिए हथकंडे अपना रहे हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा दया याचिका ठुकराने के बाद दोषी मुकेश सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की। दोषी मुकेश की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर किसी को फांसी दी जाने वाली है तो इससे अधिक जरूरी कुछ नहीं हो सकता। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मुकेश की वकील से इसके लिए तुरंत रजिस्ट्री से संपर्क करने के लिए कहा।

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सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अगर किसी को आगामी 1 फरवरी को फांसी दिया जाना तय है कि यह प्राथमिकता के आधार पर सुनी जानी चाहिए। आपको बता दें दोषियों को 1 फरवरी को फांसी दी जानी हैं। मध्यप्रदेश के इंदौर में रविवार को पहुँची निर्भया की माता आशादेवी ने अपनी वेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बीते 7 वर्ष में उन्हें कई बार हताशा-निराशा का सामना करना पड़ा है। वे व्यवस्था से अपील करती है कि आगामी 1 फरवरी को दोषियों को फांसी हो।

श्रीमती आशा देवी आज यहां गांधी प्रतिमा चौराहे पर एक निजी व्यावसायिक समूह द्वारा आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण करने पहुँची थी। उन्होंने ध्वजारोहण के बाद संवाददाताओं से निर्भया के दोषियों को माफ किये जाने को लेकर उठ रही आवाजों से जुड़े प्रश्न का जवाब देते हुये कहा कि बीते 7 वर्ष से वे अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ रही है।

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उन्होंने कहा क्रूरतम अपराध सामूहिक दुष्कर्म के बाद मौत से लड़ती उनकी बेटी की आखिर क्या गलती थी। उन्होंने कहा कि जिंदगी की जंग लड़ती उनकी बेटी को उन्होंने तड़पते-मरते हुए देखा है। ऐसी वेदना से ईश्वर सबको दूर रखें। श्रीमती आशा देवी ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीते 7 वर्षो में कोई मानव अधिकार का नुमाइंदा उनसे नहीं मिला है। उन्हें तारीख पर तारीख मिल रही है। अब आगामी एक फरवरी को सभी दोषियों को फांसी मिले, इससे निर्भया को इंसाफ मिलेगा।

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