संजीवनी टुडे

निर्भया दुष्कर्म के आरोपी ने की याचिका दाखिल, कहा.....फिर फांसी की सजा की जरूरत क्यों है?

संजीवनी टुडे 10-12-2019 22:49:33

राजधानी दिल्ली के निर्भया सामूहिक दुष्कर्म कांड के दोषी अक्षय ने अजीबोगरीब दलीलों के साथ उच्चतम न्यायालय में मंगलवार को पुनर्विचार याचिका दाखिल की। अक्षय के वकील ए. पी. सिंह ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की


नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के निर्भया सामूहिक दुष्कर्म कांड के दोषी अक्षय ने अजीबोगरीब दलीलों के साथ उच्चतम न्यायालय में मंगलवार को पुनर्विचार याचिका दाखिल की। अक्षय के वकील ए. पी. सिंह ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है। दिल्ली गैस चेंबर में तब्दील हो चुकी है। यहां का पानी जहरीला हो चुका है और ऐसे में जब खराब हवा और पानी के चलते उम्र पहले से ही कम से कम होती जा रही है, फिर फांसी की सजा की जरूरत क्यों है? यही नहीं पुनर्विचार अर्जी में वेद, पुराण और उपनिषद में लोगों को हजारों साल तक जीने का हवाला भी दिया गया है। 

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अर्जी में कहा गया है कि इन धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक सतयुग में लोग हजारों साल तक जीते थे, त्रेता युग में भी एक-एक आदमी हजार साल तक जीता था, लेकिन अब कलयुग में आदमी की उम्र 50 से साल तक सीमित रह गई है, तो फिर फांसी की सजा देने की जरूरत ही नहीं है। श्री सिंह ने बाद में न्यायालय परिसर में मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, “अक्षय गरीब और कमजोर तबके से है और उसकी ओर से पुनरीक्षण याचिका दायर करने में हुई देरी को मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।” श्री सिंह ने कहा कि उनकी कोशिश बेगुनाह को बचाने की है और याचिका में कई तथ्य प्रस्तुत किये गये हैं।

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गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय नौ जुलाई 2018 को विनय, पवन और मुकेश की पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कर चुका है, लेकिन अक्षय ने अभी तक पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं की थी। श्री सिंह अन्य अपराधी पवन और विनय के भी वकील हैं।गौरतलब है कि 16 दिसम्बर 2012 को निर्भया को सामूहिक दुष्कर्म के बाद गम्भीर हालत में फेंक दिया गया था। कई दिनों के इलाज के बाद उसे एयरलिफ्ट करके सिंगापुर के महारानी एलिजाबेथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उसे बचाया न जा सका और उसने वहीं दिनों के बाद उसने दम तोड़ दिया था।

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