संजीवनी टुडे

एनजीटी ने ड्रोन से चित्तौड़गढ़ की वायु गुणवत्ता का सर्वेक्षण कराने के दिए निर्देश

संजीवनी टुडे 08-03-2019 22:24:56


नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल(एनजीटी) ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ शहर में खनन की वजह से बढ़े वायु प्रदूषण का आकलन करने के लिए ड्रोन से सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया है। जस्टिस रघुवेंद्र एस. राठौर की अध्यक्षता वाली बेंच ने नागरिक उड्डयन के महानिदेशक को निर्देश दिया है कि वो सर्वे महानिदेशक, देहरादून को ड्रोन से सर्वेक्षण की अनुमति प्रदान करें।

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एनजीटी ने भारत के सर्वेक्षण महानिदेशक को निर्देश दिया कि वे चित्तौड़गढ़ का सर्वेक्षण कर 01 जुलाई तक रिपोर्ट दाखिल करें। एनजीटी ने कहा कि चित्तौड़गढ़ शहर की आबादी 15 लाख है। चित्तौड़गढ़ शहर के आसपास करीब 4600 हेक्टेयर खनन के लीज हैं, जिसमें 11.22 मिलीयन टन का सालाना उत्पादन होता है। शहर में छोटे-छोटे खनिजों का खनन इलाका 260 हेक्टेयर है, जिसमें से 5.2 मिलियन टन का उत्पादन हर साल होता है। चित्तौड़गढ़ शहर के 15 किलोमीटर के दायरे में स्टोन और खनिजों का खनन होता है। चित्तौड़गढ़ में 1500 साल पुराना किला और करीब 150 से ज्यादा महाभारतकालीन मंदिर और स्मारक होने की वजह से यहां पर्यटकों की अच्छी-खासी आमद रहती है।

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एनजीटी ने पाया कि चित्तौड़गढ़ में धुंआधार खनन की वजह से यहां का पर्यटन उद्योग बुरी तरह तबाह हो रहा है और इससे यहां के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो रही हैं। ये खनन बस्सी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के आसपास होती है। एनजीटी ने राजस्थान सरकार को नोटिस देकर अवैध खनन पर रोक लगाने का निर्देश दिया था लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर एनजीटी ने भारत के सर्वे महानिदेशक को सर्वे करने का निर्देश दिया।

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