संजीवनी टुडे

मोदी जिनपिंग के बीच आपसी संबंधों को लेकर हो सकती है वार्ता

संजीवनी टुडे 24-04-2018 09:38:36


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 से प्रत्येक वर्ष चीन का दौरा किया है जिनपिंग भी मोदी सरकार के सत्ता संभालने के बाद भारत आ चुके हैं सूत्रों का कहना है कि भारत और चीन के बीच मतभेदों वाले मुद्दे बरकरार रहेंगे लेकिन मोदी और जिनपिंग के बीच बातचीत का दायरा बड़ा होगा। दोनों नेता दुनिया में चुनौतियों और उनसे निपटने पर भी विचार-विमर्श करेंगे इस मीटिंग की तुलना 1988 में राजीव गांधी और डेंग शिआओपिंग के बीच मुलाकात से की जा सकती है। उस मुलाकात से भारत और चीन के बीच संबंधों की दिशा बदलने दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और सीमा को लेकर विवाद को कम करने में मदद मिली थी।

प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दोनों देशों के बीच आपसी संबंध सुधारने के लिए मतभेदों को कम करने और विश्वास बढ़ाने पर सहमत हो सकते हैं मोदी और जिनपिंग के बीच चीन के वुहान में 27-28 अप्रैल को शिखर वार्ता होनी है। पिछले वर्ष डोकलाम विवाद और बेल्ट एंड रोड (BRI) इनिशिएटिव समिट के कारण दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों में कड़वाहट बढ़ी थी। 


सूत्रों ने बताया कि दोनों नेता आपसी संबंधों में मजबूती लाने के लिए कई क्षेत्रों में मतभेदों को कम करने और विश्वास बढ़ाने पर बातचीत कर सकते हैं। पिछले वर्ष डोकलाम विवाद और बेल्ट एंड रोड (BRI) इनिशिएटिव समिट के कारण दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों में कड़वाहट बढ़ी थी हालांकि पिछले कुछ समय से भारत और चीन ने मतभेदों को कम करने के लिए कोशिशें की हैं। चीन की अपने देश से बाहर विस्तार करने की रणनीति के मद्देनजर भारत ने भी समान विचारधारा वाले देशों के साथ कुछ क्षेत्रों में काम शुरू किया है। भारत विकासशील देशों को BRI का एक विकल्प उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है। भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और इंडो-पैसिफिक कॉन्सेप्ट चीन के साथ सत्ता का संतुलन बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदम हैं।

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MUST WATCH
मोदी के आगामी चीन दौरे का समय महत्वपूर्ण है क्योंकि वह इसके बाद 9-10 जून को होने वाले शंघाई को ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) समिट में हिस्सा लेने के लिए दोबारा चीन जाएंगे भारत और चीन के किसी शीर्ष नेता के इतने कम अंतराल पर दौरे इससे पहले कम ही देखे गए हैं। भारत इस वर्ष पहली बार पूर्ण सदस्य के तौर पर SCO समिट में हिस्सा लेगा भारत को पिछले वर्ष यूरोप और एशिया के इस संगठन में शामिल किया गया था।

 

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