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भारत के सबसे गरीब मुख्यमंत्री है माणिक सरकार, सीएम बनने के बाद घटी है संपत्ति

संजीवनी टुडे 18-02-2018 14:00:07

Source: Sanjeevni Today


डेस्क। भारत में चुनाव मतलब अथाह पैसा। लेकिन कई ऐसे लोग भी है जो इस कहावत को उल्टा साबित कर देते हैं। जहां कई पार्षद करोड़पति होते है वैसे में भारत के तीसरे सबसे छोटे राज्य का मुख्यमंत्री सबसे गरीब सीएम है। सरकार की सादगी की चर्चा पुरी दुनिया में है। 1998 में से माणिक सरकार त्रिपुरा के मुख्यमंत्री है। वहां के लोग उन्हें आदर्श मानते है और उनकी सादगी के कायल है। सीएम की सैलरी के तौर पर उन्हें 25 हजार रुपए मिलते हैं, पर वह यह रकम माकपा के नियमों के तहत पार्टी को दे देते हैं। इसमें से उन्हें 9 हजार रुपए बतौर स्टाइपेंड मिलते हैं।

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माणिक सरकार से जुड़ी कुछ खास बातें 

  • 1998 से राज्य के सीएम हैं। 
  • उनके पास 1520 रुपए कैश इन हैंड और 2410 रुपए उनके बैंक अकाउंट में है। 
  • माणिक के पास खुद का न मोबाइल है, न घर है, न कार है। वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी नहीं करते हैं। 
  • माणिक सरकार देश के सबसे गरीब मुख्यमंत्री भी हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी निजी संपत्ति लगातार कम हुई है। 

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राजनीति में हमेशा यह आरोप आम है कि फलां के मंत्री, सांसद, विधायक और यहां तक कि पार्षद बनने के बाद उनकी प्रोपर्टी और पैसे में भारी इजाफा हुआ है। वहीं 25 साल से त्रिपुरा के मुख्यमंत्र माणिक सरकार शायद देश के पहले मुख्यमंत्री होगें जिनकी निजी संपत्ति लगातार घटी है। देश का ही नहीं शायद दुनिया का पहला ऐसा मुख्यमंत्री है जिसके पास न कार है, न मोबाईल और न हीं घर। माणिक सोशल मीडिया का भी बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करते है।

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त्रिपुरा में 25 साल से वामपंथी सरकार होने के पीछे मुख्यमंत्री माणिक सरकार की सादगी और साफ-सुथरी छवि है। सरकार 20 साल से राज्य के मुख्यमंत्री लेकिन उनके पास केवल 2.5 लाख की ही संपत्ति है। भारत के चुनाव में जहां पार्षद के चुनाव में करोड़पति तक अपनी किस्मत आजमाते नजर आते है ऐसे में एक मुख्यमंत्री का ’गरीब’ हो तो चर्चा होना लाजमी है।

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