संजीवनी टुडे

ममता ने दिया आदिवासियों को जाति प्रमाण पत्र, जमीन रक्षा और अन्य सुविधाएं देने का निर्देश

संजीवनी टुडे 02-07-2019 22:49:08

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आदिवासियों को उनकी जाति से संबंधित प्रमाण पत्र देने में कोताही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का निर्देश मंगलवार को दिया है।


कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आदिवासियों को उनकी जाति से संबंधित प्रमाण पत्र देने में कोताही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का निर्देश मंगलवार को दिया है। राज्य विधानसभा में सभी पार्टियों से आदिवासी समुदाय के विधायकों के साथ मुख्यमंत्री ने बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आदिवासियों को मिलने वाला जाति प्रमाण पत्र बिना किसी लाग लपेट के पहले आवेदन में ही मिलना चाहिए। विधानसभा में मुख्यमंत्री के साथ बैठक के दौरान आदिवासी समुदाय के अधिकतर विधायकों ने आदिवासियों को उनका जाति प्रमाण पत्र जल्दी नहीं मिलने की शिकायत की । बार-बार आवेदन करने के बावजूद सरकारी अधिकारी उन्हें परेशान करते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ मुझे सीधे शिकायत करें। तत्काल कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आदिवासियों के क्षेत्रों में शिविर लगाकर उन्हें जाति प्रमाण पत्र दिया जाए।

बैठक के बाद शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने मीडिया से कहा कि राज्यवासी, जो लोग जन्म से आदिवासी हैं, उन्हें आवेदन के साथ-साथ जाति प्रमाण पत्र देने का निर्देश दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर ब्लॉक स्तर पर शिविर भी लगाया जाएगा और आदिवासियों के बीच जाति प्रमाण पत्र बांटा जाएगा। 

राज्य के आदिवासी और पिछड़ा कल्याण विभाग के मंत्री राजीव बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासियों को उनका अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है । राज्य में कुल आबादी का 23.50 प्रतिशत अनुसूचित जाति (एससी) हैं जबकि 5.08 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) 37 प्रतिशत हैं। पिछले सात सालों में एससी समुदाय में 67 लाख 29 हजार 728 लोगों को जाति प्रमाण पत्र दिए गए हैं जबकि एसटी समुदाय के लोगों में छह लाख 90 हजार को जाति प्रमाण पत्र मिले हैं। पहले प्रति महीने 35 हजार जाति प्रमाण पत्र दिए जाते थे अब 90 हजार दिए जाते हैं । उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ आज आदिवासी समुदाय के 37 विधायकों की करीब डेढ़ घंटे तक बैठक हुई है । इस बैठक में न केवल सत्तारूढ़ पार्टी बल्कि विपक्ष के भी एससी-एसटी-ओबीसी के विधायक शामिल हुए थे।

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बैठक में कांग्रेस विधायक सुखविलास वर्मा ने कहा था कि आदिवासी समुदाय के लोगों को मिलने वाला आर्थिक भत्ता और अधिक बढ़ाया जाना चाहिए। इसके अलावा आदिवासियों से उनकी जमीन भी छीन ली जा रही है, इसे रोकने की जरूरत है। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोग हमें सलाह दीजिए। उसके अनुसार हमलोग काम करेंगे। इस बारे में भी पार्थ चटर्जी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ठोस निर्देश दिया है कि आदिवासियों की जमीन को किसी भी तरह से नहीं छीना जा सकता। आवश्यकता पड़ने पर आदिवासी क्षेत्रों में जमीन, जल और जंगल की रक्षा के लिए कानून भी बनाया जाएगा। आदिवासियों की जमीनों को खरीद-बिक्री की अनुमति नहीं होगी। पार्थ चटर्जी ने बताया कि इस साल करीब 47 हजार आदिवासियों और जंगली क्षेत्रों में रहने वाले अन्य 190 लोगों को जमीन का पट्टा दिया गया है।

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