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लव जिहाद: यूपी में धोखे से धर्म बदलवाने पर 10 साल तक होगी सजा, अध्यादेश पारित

संजीवनी टुडे 24-11-2020 20:26:47

योगी कैबिनेट ने प्रदेश में धर्मांतरण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मंगलवार को अध्यादेश को मंजूरी दे दी।


लखनऊ। योगी कैबिनेट ने प्रदेश में धर्मांतरण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मंगलवार को अध्यादेश को मंजूरी दे दी। अध्यादेश के मुताबिक धोखे से धर्म बदलवाने पर 10 साल तक की सजा होगी। इसके अलावा धर्म परिवर्तन के लिए जिलाधिकारी को दो महीने पहले सूचना देकर मंजूरी लेनी होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में धर्मांतरण समेत 21 प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई है। नाम छिपाकर शादी करने पर भी 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी के सूचना सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने कहा कि अब फिर कोई धर्म बदलकर किसी लड़की से शादी नहीं रचा पाएगा। दूसरे धर्म में शादी करने पर उप्र कैबिनेट में बिल पास होने के बाद अब नाम छिपाने पर दस साल तक की कैद होगी। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था सामान्य रखने और महिलाओं को इंसाफ दिलाने के लिए आज उत्तर प्रदेश कैबिनेट 'उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म समपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020' लेकर आई।  

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक सौ से ज्यादा जबरन धर्म परिवर्तित कराने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस पर कानून बनाने के लिए एक आवश्यक नीति बनी, जिस पर कोर्ट के आदेश आए। इस अध्यादेश में एक से पांच वर्ष की सजा के साथ 15 हजार के जुर्माने का प्रावधान है। अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की महिला के साथ छल, कपट या बल से धर्म परिवर्तित के मामलों में दंड तीन से दस वर्ष तक और 25 हजार जुर्माने का प्रावधान है।

इससे पहले उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (अवकाश प्राप्त) आदित्यनाथ मित्तल ने भी मंगलवार को कहा कि दो अलग-अलग धर्म के लोग आपस में शादी कर सकते हैं। नए कानून में व्यवस्था अवैध रुप से धर्मांतरण को लेकर है जिसमें तीन साल, सात साल और दस साल की सजा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को जिलाधिकारी को धर्म परिवर्तन के संस्कार से पहले और परिवर्तन के बाद सूचना देनी होगी। नए कानून के जरिए अवैध रुप से धर्मांतरण कर शादी करने पर रोक लगेगी। 

न्यायमूर्ति मित्तल के नेतृत्व में ही उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग ने वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री को इस विषय पर एक रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें जबरन धर्मान्तरण जैसे ‘गंभीर मसले’ पर नया कानून बनाने की सिफारिश की थी। इसके बाद से ही मामला चर्चाओं में था। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी लव जिहाद करने वालों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि लव जिहाद करने वाले अगर नहीं सुधरे तो अब राम नाम सत्य है की यात्रा निकलने वाली है। इसके बाद से माना जा रहा था कि सरकार इस सम्बन्ध में अहम फैसला कर सकती है।

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