संजीवनी टुडे

एलएचबी कोच ने यात्रियों की बढ़ाई मुसीबत, स्टेशनों पर प्लेटफार्म और फुट ओवरब्रिज की व्यवस्था नहीं

संजीवनी टुडे 21-02-2020 19:46:18

जिले के आधा दर्जन स्टेशनों के प्लेटफार्म पैसेंजर ट्रेनों में लगाए जाने वाले एलएचबी कोच के चलते छोटे साबित हो रहे हैं। इससे यात्रियों को ट्रेन में सवार होने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं जिले के तीन स्टेशनों पर प्लेटफार्म ही नहीं बनवाया गया है।


मीरजापुर। जिले के आधा दर्जन स्टेशनों के प्लेटफार्म पैसेंजर ट्रेनों में लगाए जाने वाले एलएचबी कोच के चलते छोटे साबित हो रहे हैं। इससे यात्रियों को ट्रेन में सवार होने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं जिले के तीन स्टेशनों पर प्लेटफार्म ही नहीं बनवाया गया है। इन स्टेशनों पर ऊॅंचा प्लेटफार्म बनवाने के लिए रेलवे के पास बजट की समस्या है। इसी के चलते यात्रियों को रेलवे ट्रैक पार कर दूसरे प्लेटफार्म पर जाना पड़ रहा है। कभी-कभी तो दुर्घटनाएं भी हो जाया करती है। इसके बावजूद ऐसे स्टेशनों पर प्लेटफार्म और फुट ओवरब्रिज नहीं बनवाया जा रहा है। 

 प्रयागराज-पीडीडीयू जक्शन के मध्य स्थित जिले में 11 रेलवे स्टेशन हैं। इनमें विंध्याचल और चुनार रेलवे स्टेशनों के प्लटेफार्म की लंबाई एक किमी से अधिक है। वहीं अन्य पांच रेलवे स्टेशनों के प्लेटफार्म की लंबाई चार सौ से छह सौ मीटर के बीच है। इन स्टेशनों पर एलएचबी कोच लगे पैसेंजर ट्रेनों के खड़ी हो जाने पर पूरे कोच प्लेटफार्म पर नहीं पहुंच पाते हैं। पैसेंजर ट्रेनों के चार से पांच कोच प्लेटफार्म के बाहर खड़े होते हैं। इससे इन बोगियों में सवार यात्रियों को प्लेटफार्म पर उतरने और प्लटेफार्म से बोगी में चढ़ने पर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। 

 इन स्टेशनों के स्टेशन मास्टरों का कहना है कि बजट के अभाव में प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाने में दिक्कतें आ रही है। वैसे भी इन स्टेशनों पर रूकने वाली ट्रेनों की संख्या एक या दो है। यात्रियों की संख्या कम होने के कारण आय भी काफी कम होती है। इसी के चलते स्टेशन का विकास भी बाधित हो रहा है।

प्लेटफार्म से कोच के सीढ़ी की उंचाई लगभग दो फीट
नई दिल्ली-हावड़ा रूट पर स्थित होने के बावजूद जिले के तीन स्टेशनों पर लो लेवल का प्लेटफार्म बना दिया गया है। इससे यात्रियों को ट्रेन में सवार होने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्लेटफार्म से कोच के सीढ़ी की ऊंचाई लगभग दो फीट होने के कारण महिला यात्रियों व बच्चों को भारी दिक्कतें हो रही है। इसके बावजूद रेल प्रशासन द्वारा इन स्टेशनों को ऊंचा कराने का कोई खास प्रयास नहीं किया जा रहा है।

झिंगुरा, डगमगपुर, कैलहट में नहीं है ऊंचा प्लेटफार्म
जिले के बिरोही, झिंगुरा, डगमगपुर और कैलहट रेलवे स्टेशन पर लो-लेवल का प्लेटफार्म बनवाया गया है। रेल पटरी और प्लेटफार्म की उंचाई बराबर है। इससे यात्रियों को जहां ट्रेन की बोगी में सवार होने में दिक्कतें हो रही है। वहीं फुट ओवरब्रिज न होने के कारण यात्री जान जोखिम में डाल कर रेलवे ट्रैक पार कर टिकट काउंटर तक पहुंचते है। कभी-कभी तो ट्रैक पार करते समय यात्री ट्रेन की चपेट में भी आ जाया करते हैं। इसके बावजूद यात्रियों की इन समस्याओं पर रेल प्रशासन या जिले के जनप्रतिनिधि कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

बिरोही में प्लेटफार्म ही नहीं 
विंध्याचल और गैपुरा के मध्य स्थित बिरोही रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म ही नहीं बनवाया गया है। इस स्टेशन पर सुबह और शाम केवल एक पैसेंजर ट्रेन रूकती है। प्लेटफार्म और रेलवे ट्रैक की ऊंचाई भी बराबर है। यात्रियों को टिकट काउंटर तक पहुंचने के लिए रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है। छोटा स्टेशन होने के कारण रेल प्रशासन भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

यह खबर भी पढ़ें: राजस्थांन/ भाजपा नेताओं ने अपने शासन में किये थे बडे घोटाले, इसलिये जनता ने किया दरकिनार-खाचरियावास

जयपुर में प्लॉट मात्र 289/- प्रति sq. Feet में  बुक करें 9314166166

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

More From national

Trending Now
Recommended